आगरा। मंगलवार को मण्डलायुक्त ने आगरा मण्डल के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि अभी कुछ सड़कों में गड्ढे हैं।विशेषकर कांवड़ यात्रा मार्ग को पूरी तरह से गड्डामुक्त बनाया जाए। उन्होंने आगरा में जर्जर पानी की टंकियों के ध्वस्तीकरण के भी निर्देश दिए।
बैठक में सर्वप्रथम आगरा मण्डल में दिव्यांग छात्रों के नमांकन एवं उन्हें प्रदत्त सुविधाओं की समीक्षा की गई। बेसिक शैक्षिक वर्ष 2024-25 में पिछले एक माह में दिव्यांग छात्रों के नामांकन में सिर्फ 231 की वृद्धि होने के बाद कुल 13797 छात्रों के ही नामांकन हुए जो कि पिछले वर्ष की अपेक्षा (कुल नामांकन 14095) अभी भी बहुत कम है। यू डायस के अनुसार नामांकित दिव्यांग छात्रों के नामांकन के अन्तर में एक महीने बाद भी कोई कमी नहीं हुई। वहीं माध्यमिक शिक्षा में भी कक्षा 9 से आगे बढ़ने पर आगामी कक्षाओं में छात्रों के नामांकन में गिरावट देखी गयी। इसे लेकर मण्डलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि चारों जनपदों में छात्रों के नामांकन कराने की दिशा में कार्य प्रयास नहीं किया गया। रिपोर्ट में जो भी डेटा उपलब्ध कराया गया, वह भी पूरी तरह से सही नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि चारों जिलों के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जायें। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा अधिकारी समन्वय रूप से प्रयास करें। शत प्रतिशत सामान्य व दिव्यांग छात्रों का नामांकन किए जाएं। मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रों के नामांकन से संबंधित पूरे डेटा की सही से जांच करायें। वहीं ओवरऑल नामांकन की स्थिति में भी लक्ष्य से काफी पीछे रहने पर जिलाधिकारियों को छात्रों के नामांकन की समीक्षा करने एवं अगले माह तक लगभग 90 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश दिए। दिव्यांग छात्रों को दिव्यांगता के आधार पर मिलने वाली सुविधाओं को लेकर निर्देश दिए कि सभी नामांकित छात्रों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाये जाएं एवं उन्हें सुविधाओं से संतृप्त किया जाए।
ऑपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत संतृप्त विद्यालयों की समीक्षा की गयी। मैनपुरी और फिरोजाबाद जनपद के अलावा आगरा, मथुरा में खास प्रगति नहीं हुई। प्रगति में सुधार लाने को कहा। निपुण परीक्षा में चारों जनपदों की रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए। पंचायती राज व्यवस्था की समीक्षा के तहत फिरोजाबाद औैर मथुरा में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की प्रगति में तेजी लाने को कहा। वहीं 15वां वित्त आयोग, पंचम वित्त आयोग, सामुदायिक शौचालय, मॉडल ओडीएफ, जन सेवा केन्द्र में प्रगति न दिखने पर मण्डलायुक्त ने नाराजगी जताई। वहीं पंचायती राज में चारों जनपदों की खराब रैंकिंग पर उन्होंने मुख्य विकास अधिकारियों को संबंधित बीडीओ और डीपीआरओ की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
गौशाला में संबंधित अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि आगरा में दो, मथुरा में एक अस्थायी गौशाला का निर्माण पूरा हो चुका है जबकि शेष दो का निर्माण कार्य जारी है। निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी गौशालाओं का मुआयना कर लिया जाए। शेड-इंटरलाकिंग होनी चाहिए। गंदगी न हो, भूसा-चारा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध रहे। आवारा गोवंश को पकड़ने को चारों जनपदों में एक बार फिर से कैटल कैचर अभियान चलाया जाए। सैम बच्चों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गयी। अवगत कराया गया कि फिरोजाबाद में 2007 नये सैम बच्चे चिन्हित किए गये हैं जिसके बाद वहां सैम बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है। वहीं अन्य जनपदों में सैम बच्चों में सुधार होने के बाद कमी आई है। निर्देश दिए कि नये चिन्हित सैम बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाया जाये।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की गयी। विगत मण्डलीय बैठक में दिए गये निर्देषों के अनुपालन में संबंधित अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि आगरा मण्डल के सरकारी अस्पतालों की बिल्डिंग, भवनों के जीर्णोद्धार पर ध्यान दिया गया है। समुचित सफाई का ध्यान रखा जा रहा है। सभी मशीनें, उपकरण ठीक से काम कर रहे हैं। मरीजों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। जननी सुरक्षा योजना में लाभार्थियों के सापेक्ष फिरोजाबाद और मैनपुरी में सबसे कम भुगतान किये जाने पर नाराजगी व्यक्त की गयी। निर्देश दिए गये कि जिस जनपद में पिछले 4-5 माह से जननी सुरक्षा योजना के तहत योजना के लाभ दिलाने में वृद्धि नहीं हुई है। वहां के संबंधित लापरवाह अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही अमल में लायी जाए। शत प्रतिशत लाभार्थियों और आशाओं को समय से भुगतान किया जाए। हेल्थ एटीएम को लेकर निर्देश दिए कि जहां भी मशीनें खराब हों उन्हें ठीक करा सक्रिय बनाया जाए। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि एक बार सभी मण्डलीय और जिला स्तरीय अधिकारी विद्यालय, अस्पताल, गौशाला, आईजीआरएस, जनपदों में चल रहे बड़े प्रोजेक्ट और जनप्रतिनिधियों से मिलने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेकर एक अभियान चलाते हुए कमियों का निस्तारण करते हुए सभी व्यवस्थाओं को दुरूस्त कर लें।

जलनिगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए चारों जनपदों के जिलाधिकारियों को सभी बड़े प्रोजेक्ट्स की रेगुलर मानिटरिंग करने, फिरोजाबाद में धीमी गति से चल रहे कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। आगरा मण्डल में सभी पानी की टंकियों के सर्वे के बारे में पूछे जाने पर जलनिगम के संबंधित अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि सर्वे कार्य लगभग पूरा हो गया है। 190 टंकियां 30 वर्ष से अधिक पुरानी हैं जिसमें लगभग 127 जर्जर अवस्था में और उनका ध्वस्तीकरण होना आवश्यक है। ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया लंबी होने पर मण्डलायुक्त ने निर्देश दिये कि जो पानी की टंकियां सबसे ज्यादा जर्जर अवस्था में हैं और वहां आसपास आबादी क्षेत्र है तो उन पानी की टंकियों को प्रमुखता से ध्वस्त किया जाए। चेतावनी बोर्ड लगाये जाएं ताकि लोग और बच्चे जर्जर पानी की टंकी के आसपास न जायें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर बारिश के मौसम में मथुरा जनपद की तरह अन्यत्र फिर घटना की पुनरावृत्ति हुई तो इस बार लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ गंभीरता से कड़ी कार्रवाई होगी। इसलिए इसे गंभीरता से लेते हुए ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाएं। कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण की समीक्षा में निर्देश दिए कि सामान्य रूप से कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी होती रहे। आवश्यकता से अधिक आलू का भंडारण न हो, किसानों को उचित मूल्य मिले इसके लिए संबंधित अधिकारी लगातार क्षेत्र में दौरा करते रहें।
इसके उपरान्त विभिन्न कार्यदायी संस्था द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य/प्रोजेक्ट की समीक्षा की गयी। पीडब्लूडी द्वारा परियोजनाओं का विवरण प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया गया कि आगरा मण्डल में चल रहे 77 काम में से 23 काम पूर्ण हो चुके हैं। बरसाना रोड के जीर्णोद्धार कार्य एवं मथुरा में स्मार्ट सिटी की माडल रोड का कार्य पूर्ण न होने पर नाराजगी व्यक्त की। मण्डलायुक्त ने कहा कि सड़कों पर गड्डे होने की शिकायतें सामने आ रहीं हैं। विशेषकर कांवड़ यात्रा मार्ग को पूरी तरह से गड्डामुक्त बनाया जाए। वहीं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि एक बार अपने जनपद में पीडब्लूडी की बड़ी सड़कों की जांच कर लें। सेतु निगम द्वारा धीमी गति से किए जा रहे कार्य में तेजी लाने को कहा। 50 करोड़ से अधिक और एक करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मण्डलायुक्त ने चारों जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाएं तो बहुत चल रहीं हैं लेकिन उन परियोजनाओं में छोटी-छोटी अड़चनों के चलते टाइमलाइन आगे बढ़ती जा रही है। जिलाधिकारी अपने जनपदों में इन सभी परियोजनाओं की समीक्षा करें। उनमें जो अड़चनें या विवाद आ रहे हैं उनका निस्तारण करते हुए कार्य प्रगति में तेजी लाएं और जो प्रोजेक्ट निर्धारित समय से काफी पीछे चल रह हैं उनकी रिपोर्ट शासन में प्रेषित की जाए।