-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। हरीपर्वत थाने में तैनात रहे चार दरोगाओं का एक ऐसा कारनामा सामने आया है जिससे आगरा पुलिस की भविष्य में भी किरकिरी होगी। एक मुर्दे के खिलाफ धोखाधड़ी के केस में चार्जशीट लगा दी गई। यही नहीं मुकदमे में उसके बयान भी किए गए और नोटिस भी तामिल कराया गया। मुर्दे के बयान और मुर्दे के खिलाफ चार्जशीट लगने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अचल प्रताप सिंह ने चार दारोगाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। मुकदमा दर्ज होने के बाद खलबली मच गई है।
मुकदमा दयानंद नगर, नगला पदी निवासी मंगल सिंह राना ने दर्ज कराया है। प्रताप सिंह ने श्रीराम फाइनेंस से 143381 रुपये लोन लिया था। मंगल सिंह लोन में गारंटर थे। फाइनेंस कंपनी का ऑफिस दीवानी चौराहे के पास विनायक मॉल में है। मंगल सिंह ने पुलिस और फाइनेंस कंपनी के मैनेजर के खिलाफ कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि 26 अगस्त 2018 को हरीपर्वत थाने में कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी का एक मुकदमा दर्ज हुआ। हरीपर्वत थाने में तैनात रहे दरोगा मनीष कुमार, राजीव तोमर, राकेश कुमार और अमित प्रसाद ने मुकदमे की विवेचना की। मुकदमे में श्रीराम फाइनेंस कंपनी के मैनेजर नवीन गौतम ने अगस्त 2018 को प्रताप सिंह के साथ विवाद होना भी लिखाया था। विवेचक अमित प्रसाद ने पर्चा संख्या पांच में वादी मुकदमा के बयान दर्ज किए। नवीन गौतम ने एफआईआर का समर्थन किया। प्रताप सिंह के साथ विवाद होने की पुष्टि की। प्रताप सिंह का देहांत 12 सितंबर 2016 को हो गया था। 28 सितंबर 2016 को उनका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हुआ था। मौत के लगभग दो साल बाद उनका फाइनेंस कंपनी के मैनेजर से विवाद कैसे हो सकता था? पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण नहीं किया। निजी स्वार्थ के लिए मिथ्या साक्ष्य संकलित किए। इतना नहीं विवेचना अमित प्रसाद ने पर्चा नंबर 12 में प्रताप सिंह के बयान दर्ज किए। उन्हें 41 ए का नोटिस भी तामील कराया। पर्चे पर उनके हस्ताक्षर कराए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अचल प्रताप सिंह ने चारों दरोगाओं और फाइनेंस कंपनी के मैनेजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इसमें से एक दरोगा अमित प्रसाद है। वह एत्माउद्दौला में महिला दरोगा वाले मामले में निलंबित हुआ था। अमित प्रसाद के अलावा दरोगा राकेश गिरि, मनीष कुमार, राजीव तोमर, नवीन गौतम के मुकदमे में नाम हैं।











