आगरा। लोहामंडी में एक गुटखा व्यापारी से कॉन्स्टेबल द्वारा रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ था। मामले में डीसीपी सिटी ने कॉन्स्टेबल सोनू चौधरी को निलंबित कर दिया था, उसकी जांच भी चल रही है। गुटखा व्यापारी ने कमिश्नर कार्यालय में पहुंचकर पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग भी की थी, जिसके बाद पुलिस के हाथ-पांव फूल गए हैं। इधर देर रात थाना पुलिस ने गुटखा व्यापारी को अपने पास बुलाया और मामले में समझौता करने के लिए प्रार्थना की। कॉन्स्टेबल द्वारा लिए गए पैसे के लिए हाथ जोड़कर माफी मांगी। गुटखा व्यापारी के थाने में इंस्पेक्टर के कक्ष में बैठने का वीडियो वायरल हुआ है।

बता दें कि राजेंद्र कुमार नाम के व्यक्ति ने अपना एक वीडियो वायरल किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि मोतीगंज चौकी पर तैनात सिपाही सोनू उन्हें चौकी पर ले गया। वहां तीन से चार सिपाही और बैठे हुए थे। सिपाही ने उनसे कहा कि 20 हजार दो नहीं तो एक साल के लिए जेल भेज दूंगा। पैसे देने के लिए उनकी डंडे से पिटाई की। इसके बाद गुटखा व्यापारी की जेब में से सिपाही ने पांच हजार निकाल लिए। बाद में पांच हजार देने के लिए और कहा। जाने के बाद कांस्टेबल सोनू ने गुटखा व्यापारी को फोन किया और बचे हुए पैसे देने के लिए कहा। कॉन्स्टेबल उनसे खुद पैसे लेने के लिए पहुंचा जिसका भी वीडियो वायरल हुआ है। मामला सुर्खियों में छाने के बाद डीसीपी सिटी ने तत्काल प्रभाव से कांस्टेबल को निलंबित कर दिया। राजेंद्र के द्वारा कमिश्नर कार्यालय में शिकायत करने के बाद थाना पुलिस मामले में गुटखा व्यापारी से हाथ जोड़कर निवेदन कर रही है कि वह समझौता कर लें। आगे से पुलिस का उनके साथ बर्ताव अच्छा रहेगा। गुटखा व्यापारी को थाने में बुलाए जाने का वीडियो वायरल हुआ है। वह इंस्पेक्टर के कमरे में बैठे हुए हैं। इस दौरान इंस्पेक्टर भी अपनी कुर्सी पर बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। मामले में इंस्पेक्टर लोहामंडी राजेश कुमार से जब पूछा गया कि क्या गुटखा व्यापारी को बुलाया गया था तो पहले तो उन्होंने मना किया लेकिन जब उनसे कहा गया कि उन्हें बुलाने का वीडियो वायरल हुआ है तो उन्होंने कहा कि हां उन्हें बातचीत करने के लिए बुलाया गया था। इधर चर्चा यह भी हो रही है कि कॉन्स्टेबल व्यापारी के बैग में पैसे डाल कर भाग गया है। इस बात पर इंस्पेक्टर ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।











