आगरा। डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में आज आइक्यूएसी की बैठक हुई। बैठक में आइक्यूएसी के प्रभारी प्रोफेसर वीके सारस्वत नहीं पहुंचे। इनके नहीं पहुंचने को लेकर कुलपति काफी नाराज हुए। कुलपति ने कहा कि वह सभी जगह जा रहे हैं और यहां नहीं आ रहे हैं। कुलपति की इतनी पावर होती है कि मैं चाहूं तो उन्हें निलंबित भी कर सकता हूं और टर्मिनेट भी कर सकता हूं।
आईईटी के पूर्व निदेशक प्रोफेसर वीके सारस्वत आइक्यूएसी के प्रभारी बने हुए थे। 10 अगस्त को कुलाधिपति के सामने राजभवन में प्रेजेंटेशन होना है। इसमें उनकी अहम भूमिका थी। इधर उन्होंने 3 महीने का अवकाश मांगा है, उन्होंने कुलसचिव को पत्र लिखकर कहा है कि उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है। वही वह इस समय विषम परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। ऐसे में उन्हें 3 महीने का अवकाश चाहिए। आज बैठक में कुलपति को उनके आने की उम्मीद थी, लेकिन वह नहीं आए। विशेष सूत्रों की मानें तो कुलपति ने कहा कि प्रोफेसर वीके सारस्वत नेताओं के पास, संघ वालों के पास जा रहे हैं लेकिन विश्वविद्यालय में नहीं आ रहे हैं। उन्हें उनके बारे में एक-एक खबर मिल रही है। दो बार कुलसचिव ने भी उन्हें बुलाया और समझाने की कोशिश की। फिर भी वह नहीं मान रहे हैं। ऐसे में अब उनसे कोई भी बात नहीं करेगा। कुलपति ने तत्काल प्रभाव से प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव को आइक्यूएसी का प्रभारी बना दिया है।
एनएसयूआई के अपूर्व शर्मा कुलपति के पास यह शिकायत लेकर पहुंचे कि उन्होंने राजभवन में संस्कृति भवन और शिवाजी मंडप की शिकायत की थी। राजभवन ने विश्वविद्यालय से जवाब मांगा है, लेकिन विश्वविद्यालय कोई जवाब नहीं दे रहा है। इस बात पर कुलपति छात्र नेता अपूर्व शर्मा के ऊपर गर्म हो गए। दोनों के बीच में कहासुनी भी हो गई।











