आगरा। एत्मादपुर तहसील में सोमवार को उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद की टीम ने दौरा कर तहसील मुख्यालय की खामियों को परखा। दो घंटे अधिकारियों के बीच चली बैठक के बाद वादकारियों की सुविधाओं के लिए उन्होंने राजस्व कानूनों की कमियों को पूरा करने का भरोसा दिलाया।
उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के सदस्य रजनीश गुप्ता ने कहा कि एत्मादपुर तहसील मुख्यालय पर रिक्त कानूनगो की कमी साफ तौर पर दिख रही है।उन्होंने एसडीएम रतन वर्मा और तहसीलदार मनोज कुमार से कर्मशील पटवारियों के साथ बैठकर लंबित पेंडेंसिओं को पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कुमार शर्मा उपाध्याय, महासचिव मिश्री लाल बघेल ने दर्जनों अधिवक्ताओं के साथ तहसील में व्याप्त अनियमितताओं के संबंध में 13 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि ठीयाबंदी के वादों में सम्मन तामील होने में दो-तीन महीने लगा दिए जाते हैं और संबंध शामिल होने के बाद भी रिपोर्ट को तीन चार महीने तक पत्रावली पर दाखिल नहीं किया जाता है, जिससे उक्त वाद सालों तक लंबित होते चले जाते हैं।
उन्होंने कहा कि धारा 81 यूपीआरसी 2006 की पत्रावलियों महीनों लेखपाल पर लटकी रहती है। सहायक पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट (एसीपी) एत्मादपुर न्यायालय सुबह 11 बजे से पूर्व नहीं खुलता है। रात्रि के करीब 10 बजे तक जमानत ली जाती है। अधिवक्ता द्वारा इसका विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता की जाती है।











