आगरा। जगदीशपुरा में दर्ज हुए मुकदमे में वांछित चल रहे इनामी बिल्डर और उनके बेटे के द्वारा अदालत में समर्पण के लिए दिया गया प्रार्थना पत्र शुक्रवार को कोर्ट ने निरस्त कर दिया। पुलिस को 82 के आदेश के लिए शनिवार की तारीख मिली है। इधर नेताजी के करीबी मोहम्मद जाहिद को कल पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
बोदला में 50 करोड़ की जमीन पर कब्जा करने के लिए दो फर्जी मुकदमे दर्ज कर पांच निर्दोष लोगों को जेल भेजा गया था। डीजीपी से शिकायत के बाद कथित मालकिन उमा देवी की तहरीर पर डकैती सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमे में तत्कालीन एसओ जितेंद्र कुमार, बिल्डर उनके बेटे को नामजद किया गया था। 15 अन्य लोगों को भी आरोपित बनाया गया था। एसओ सहित तीन आरोपित जेल में हैं।
अधिवक्ता आशुतोष श्रोत्रिय के माध्मय से एक फरवरी को अदालत में समर्पण प्रार्थना पत्र दिया गया था। अदालत ने थाने से रिपोर्ट तलब की थी। पुलिस ने दोनों के वांछित होने की रिपोर्ट शुक्रवार को कोर्ट में प्रस्तुत की। समर्पण प्रार्थना पत्र देने वाले हाजिर नहीं थे। कोर्ट ने पत्रावली के अवलोकन के बाद समर्पण प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। अधिवक्ता आशुतोष श्रोत्रिय ने बताया कि आरोपियों ने एक फरवरी को गोरखपुर से टूंडला तक की ई टिकट खरीदी थी। अदालत ने इसी को प्रार्थना पत्र निरस्त करने का आधार माना। आदेश में लिखा कि एक फरवरी को आरोपित की उपस्थिति आगरा और गोरखपुर में दर्शित होती है। जो अपने आप में संदिग्ध प्रतीत होती है। ऐसा प्रतीत होता है कि अभियुक्त द्वारा विवेचना की कार्रवाई को विलंबित करने के आशय से प्रार्थना पत्र दिया गया है।
वहीं दूसरी तरफ इंस्पेक्टर जगदीशपुरा आनंद वीर सिंह ने बताया कि 82 के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए शनिवार की तारीख मिली है।











