आगरा। रविवार को पुलिस कमिश्नर के द्वारा पश्चिमी जोन के इंस्पेक्टरों के साथ की गई बैठक में अपने तेवर दिखाए गए। उन्होंने साफ कहा आगरा में बलिया जैसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में अब सिपाही, दरोगा के अलावा एसीपी पर भी कार्रवाई होगी।
पुलिस कमिश्नर जे रविन्द्र गौड़ के द्वारा रविवार को बैठक बुलाई गयी। बैठक में उन्होंने कहा कि आगरा के थानों में इंस्पेक्टर क्राइम की स्थिति डाक मुंशी से भी ज्यादा खराब है। वह तीन-चार थानों का निरीक्षण करने गए तो उन्होंने देखा इंस्पेक्टर क्राइम बाहर बारामदे में बैठे होते हैं। डाक मुंशी अंदर कमरे में। डाक मुंशी को प्रॉपर कमरा मिला हुआ है। इंस्पेक्टर क्राइम की मिट्टी खराब है। पुलिस कमिश्नर ने थाना प्रभारियों से कहा इंस्पेक्टर क्राइम की नियुक्ति आपके सहयोग के लिए की गई है। आगे से अगर वह किसी थाने का निरीक्षण करने गए और उन्हें कोई भी इंस्पेक्टर क्राइम बाहर बरामदे में बैठा मिल गया तो उसे थाने का प्रभारी बना देंगे और जो प्रभारी होगा उसे इंस्पेक्टर क्राइम। उन्होंने सभी इंस्पेक्टर्स और एसीपी से पूछा पासपोर्ट और करैक्टर सर्टिफिकेट में पैसा तो नहीं लिया जा रहा है। इस पर सभी ने ना का जवाब दिया। इस पर पुलिस कमिश्नर बोले अगर उन्हें शिकायत मिली तो इस बार दरोगा, सिपाही के अलावा एसीपी पर भी कार्रवाई होगी। पुलिस कमिश्नर ने यह भी कहा कि आगरा में बलिया जैसा हाल नहीं होना चाहिए। खनन पर रोक लगाई जाए। इसके साथ ही सभी थाना प्रभारी को यह निर्देश दिए कि वह अपने अधीनस्थ के प्रति अच्छा व्यवहार रखें। फरियादियों से भी अच्छे तरीके से पेश आएं। पुलिस कमिश्नर ने यह भी कहा कि हिस्ट्रीशीटर और गुंडों पर कार्रवाई की जाए।











