आगरा। सिकंदरा थाने में चिकित्सक को थप्पड़ जड़ के हवालात में बंद किए जाने के मामले में आज शाम 4:00 बजे से हड़ताल शुरू हो गई है। करीब दो हजार चिकित्सक हड़ताल पर रहेंगे। आईएमए भवन पर हुई बैठक में एएसपी आदित्य कुमार और इंस्पेक्टर नीरज शर्मा ने माफी मांगी लेकिन बात नहीं बनी। पुलिस और इंस्पेक्टर की पत्नी के खिलाफ चिकित्सकों में भारी आक्रोश था। उन्होंने कार्रवाई की मांग की।
यूरोलॉजिस्ट डॉ. अविनाश सिंह ने गुरुवार को अपना वीडियो वायरल करके कहा था कि वह घर से हॉस्पिटल जा रहे थे। कारगिल चौराहे पर आगे चल रही गाड़ी ने एकदम ब्रेक मार दिया। इससे उनके आगे वाली गाड़ी ने भी ब्रेक लगा दी। इससे उनकी गाड़ी हल्की सी आगे वाली गाड़ी से टच हो गई। इस पर गाड़ी में से ड्राइवर ने उतरकर उनसे गाली गलौज की। एक महिला भी गाड़ी में से उतर गई। उन्होंने भी उन्हें भला बुरा कहा। चिकित्सक सिकंदरा चौराहे की तरफ चल दिए। आगे चौराहे पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया और गाली गलौज करते हुए उन्हें थप्पड़ जड़ दिए। उन्होंने कहा मेरी गलती नहीं है रिएक्शन टाइम का प्रॉब्लम था। लेकिन फिर भी उन्हें थाने ले गए। इसके बाद उनकी घड़ी, बेल्ट और जूता उतार कर उन्हें हवालात में अपराधियों की तरह बंद कर दिया। अन्य चिकित्सकों को जब इस बात की सूचना मिली तो वह थाने पहुंचे और चिकित्सक को हवालात में से बाहर निकलवाया। आईएमए ने आज शुक्रवार को 4:00 बजे से हड़ताल की घोषणा की। उन्होंने ऐलान किया कि सभी निजी चिकित्सकीय सेवाएं आगरा में बंद रहेंगी। बैठक के बाद हड़ताल शुरू कर दी गई है। एनआईएमए ने भी घटना की निंदा की है और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अनूप दीक्षित का कहना है कि एक सम्मानित चिकित्सक को मारपीट करके हवालात में बंद करना निंदनीय घटना है। जब हमने थाना अध्यक्ष से बात की तो वह माफी मांग रहे थे। डॉ. अविनाश लॉकअप में कैसे बंद हुए? यह पूछा गया तो वह कुछ नहीं बोल पाए। उनका कहना है कि इंस्पेक्टर सहित दोषी पुलिसकर्मी निलंबित होने चाहिए, जब तक पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई नहीं होगी चिकित्सक कार्य नहीं करेंगे। आईएमए के डॉ. पंकज नगाइच का कहना है कि आगरा के इतिहास में ऐसी कभी घटना नहीं हुई। चिकित्सक को अपराधियों की तरह हवालात में बंद करना शर्मनाक है। सुप्रीम कोर्ट का भी आदेश है डॉक्टर को कोई बंद नहीं कर सकता है। यहां तो गाड़ी टकराने के मामले में ही डॉक्टर को हवालात में डाल दिया गया। मेरठ के डॉ. अनिल ने अपना वीडियो जारी करके कहा है कि उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से आगरा में चिकित्सक को हवालात में डाले जाने की खबर मिली है। यह काफी निंदनीय है। मेरठ के चिकित्सकों में भी इस घटना को लेकर रोष है। मुख्यमंत्री से मांग की जाती है जो घटना घटित हुई है उसमें न्याय दें। इंस्पेक्टर नीरज शर्मा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। क्योंकि उन्हें यह नहीं पता था उनके थाने में क्या हो रहा है। जिन पुलिस कर्मियों ने अभद्रता की है उन पर भी कार्रवाई की जाए। जिस प्रकार चिकित्सक को हवालात में डाला गया इस प्रकार इंस्पेक्टर की पत्नी को भी हवालात में डाला जाए।
कई घंटे चली बैठक
आईएमए भवन पर चिकित्सकों की कई घंटे तक बैठक चली। इसमें एएसपी आदित्य कुमार, इंस्पेक्टर नीरज शर्मा भी पहुंचे। दोनों के द्वारा चिकित्सकों से पुलिस के बर्ताव को लेकर माफी मांगी गई। इंस्पेक्टर से जब यह कहा कि वह उस महिला को भी बुलाएं तो इंस्पेक्टर ने टालमटोल जैसी बात की। इस बात पर चिकित्सक नाराज हो गए और हड़ताल का ऐलान कर दिया। एएसपी आदित्य कुमार ने 24 घंटे के अंदर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
शिष्टाचार नीति साबित हुई हवाई
आगरा में पुलिस कमिश्नर के द्वारा लागू की गई शिष्टाचार नीति सिर्फ दिखावे की साबित हुई। पुलिसकर्मी उसका पालन नहीं करेंगे ऐसा उन्होंने चिकित्सक के साथ दुर्व्यवहार करके साबित कर दिया है। आम आदमी को छोड़िए चिकित्सक से अच्छे तरीके से बात करना तो दूर की बात है उन्हें थप्पड़ जड़कर हवालात में ठूस दिया गया। पुलिस कमिश्नर ने भी कहा था अगर शिष्टाचार नीति का पालन नहीं होगा तो पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी। अब सभी की निगाहें इसी पर टिकी हुई हैं कि क्या कोई कार्रवाई होगी।











