आगरा। पुलिस कमिश्नर के द्वारा देर रात दो थाने के प्रभारी लाइन हाजिर किए गए हैं। इनमें एक नाई की मंडी में करोड़ों रुपए की जमीन पर कब्जे के मामले में किए गए हैं तो दूसरी ओर लाइन हाजिर सिपाहियों को बुलाकर विदेशी पर्यटकों को वसूली के लिए ताजमहल दिखाने पर। दोनों पर की गई कार्रवाई से विभाग में खलबली मच गई है। डीसीपी सिटी के पेशकार जसवीर सिंह को न्यू आगरा, न्यू आगरा थाना प्रभारी धर्मेंद्र भाटी नाई की मंडी, मलपुरा से रूबी सिंह को पर्यटन थाने का प्रभारी बनाया गया है।
पॉश कालोनी भरतपुर हाउस निवासी शू एक्सपोर्टर सारु मुंजाल ने वर्ष 2006 में धाकरान चौराहे के पास तीन लोगों से करीब 180 वर्ग गज जमीन खरीदी थी। वर्ष 2008 में एक पक्ष ने सिविल वाद दायर किया। जो कोर्ट में विचाराधीन है। जमीन पर तभी से सारु मुंजाल का कब्जा था। कुछ दिनों पहले रात में भूखंड पर लगे दो गेटों के ताले तोड़कर नए ताले लगा दिए गए थे। दीवार पर मान सिंह धाकड़ और रमेश धाकड़ ने अपना नाम लिखवा दिया था। पुलिस ने फिर भी पीड़ित पक्ष की बात तक नहीं सुनी। पीड़ित पक्ष को टरका दिया। यह मामला पुलिस आयुक्त जे रविन्दर गौड की जानकारी में पहुंचने के बाद एसीपी आस्था जयसवाल को जांच करने के लिए भेजा गया। प्रारंभिक जांच में कब्जे की पुष्टि हुई। इसके बाद मुकदमा लिखा गया। मामले में इंस्पेक्टर अमित मान को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
दूसरी ओर नवंबर में पर्यटन थाने में तैनात सिपाही वेदांत, दीपक और हिमांशु के खिलाफ डीसीपी को गोपनीय शिकायत मिली थी। तीनों की थानाध्यक्ष के लिए कारख़ासी करने की शिकायत थी। एसीपी ताज सुरक्षा की रिपोर्ट पर तीनों को लाइन हाजिर किया गया था। फरवरी में अधिकारियों को पता चला कि सुबह 60 विदेशियों का दल आया था। उन्हें ताजमहल घुमाने लाइन हाजिर किए गए सिपाही ले गए थे। थानाध्यक्ष प्रीति चौधरी भी इस दौरान मौजूद थी इसका सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हुआ। थानाध्यक्ष की संलिप्तता मिलने पर पुलिस कमिश्नर ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया है।











