आगरा। फतेहपुर सीकरी से भाजपा के सांसद राजकुमार चाहर के द्वारा शूरवीर योद्धा राणा सांगा की सांसद निधि से प्रतिमा लगवाई जाएगी। उनकी इस पहल की हर ओर प्रशंसा हो रही है। उनके द्वारा प्रतिमा लगवाने के लिए कमिश्नर को जो पत्र लिखा गया है यह सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
बता दें कि सदन को संबोधित करते हुए सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने शनिवार को कहा था कि, ‘एक तो ये बीजेपी के लोगों का तकिया कलाम हो गया है। सभापति महोदय इन मुस्लमान में बाबर का डीएनए है। मैं यह जानना चाहूंगा कि बाबर का डीएनए मुस्लमान में है। हिंदुस्तान का मुस्लमान तो बाबर को अपना आदर्श नहीं मानता है। वो मोहम्मद साहब को अपना आदर्श मानता है। सूफी संतो की परंपरा को अपना आदर्श मानता है। लेकिन सभापति महोदय मैं जानना चाहूंगा कि बाबर को कौन लाया था। बाबर को इब्राहिम लोदी को हराने के लिए राणा सांगा लाया था। तो मुस्लमान तो बाबर की औलाद हैं। तुम गद्दार राणा सांगा की औलाद हो। हम बाबर की तो आलोचना करते हैं। राणा सांगा की नहीं करते हैं।’ सुमन के इस बयान के बाद सियासत गरमाई हुई है। पूरे देश में उनका विरोध हो रहा है। जगह-जगह उनके पुतले फूंक रहे हैं। मुर्दाबाद के नारे लगाए जा रहे हैं। सोमवार को आगरा न्यायालय में भी उनके और उनके बयान का समर्थन करने वाले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ बाद दायर हो गया है। सांसद के इस बयान की भाजपा सांसद राजकुमार चाहर ने भी आलोचना की थी।
इधर सांसद चाहर के द्वारा मंडलायुक्त को एक पत्र लिखा गया है। इसमें उन्होंने लिखा है कि 16 मार्च 1527 को फतेहपुर सीकरी व भरतपुर रूपवास के मध्य स्थित खानुआ के मैदान में मेवाड़ के राजा वीर प्रतापी शूरवीर राष्ट्रभक्त राणा सांगा जी का आक्रांता लुटेरे बाबर के साथ युद्ध हुआ था। यह एक ऐतिहासिक सत्य है। इसलिए फतेहपुर सीकरी में आगरा गेट के समक्ष राणा सांगा की सांसद निधि से प्रतिमा लगवानी है। सांसद ने उनसे स्थान उपलब्ध कराने के लिए कहा है। सांसद चाहर की इस पहल की सोशल मीडिया पर काफी तारीफ हो रही है।











