आगरा। आगरा में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था, फ्रंट ऑफिस प्रणाली और रजिस्ट्री प्रक्रिया के निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को आंदोलन के 12वें दिन भी विभिन्न तहसीलों में विरोध प्रदर्शन जारी रहे।
सदर तहसील में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों ने एकजुट होकर सदर तहसील से कलेक्ट्रेट तक वाहन रैली निकाली। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को बुलंद किया और नई व्यवस्था को वापस लेने की मांग दोहराई। उधर, तहसील एत्मादपुर में अधिवक्ताओं ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। वकीलों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए। उनका कहना था कि नई व्यवस्था से अधिवक्ताओं के अधिकार प्रभावित होंगे और आम नागरिकों को भी अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के ऐसी व्यवस्था लागू कर रही है, जिससे पारंपरिक कार्यप्रणाली प्रभावित होगी और अधिवक्ताओं की भूमिका सीमित हो जाएगी। आंदोलन कर रहे अधिवक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक ई-रजिस्ट्री व्यवस्था, फ्रंट ऑफिस प्रणाली और निजीकरण से जुड़े निर्णय वापस नहीं लिए जाते, तब तक उनकी हड़ताल समाप्त नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश स्तर पर भी रणनीति बनाई जा रही है। अधिवक्ताओं की हड़ताल का सीधा असर तहसील एत्मादपुर के कामकाज पर देखने को मिला। रजिस्ट्री, राजस्व और अन्य प्रशासनिक कार्य प्रभावित रहे। अपने जरूरी काम से तहसील पहुंचे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कई फरियादी बिना काम कराए ही वापस लौट गए। आम नागरिकों ने भी जल्द समाधान की मांग की, ताकि सरकारी सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो सकें और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।











