आगरा। आगरा में पुलिस की कार्य शैली को लेकर लगातार बवाल हो रहे हैं। एत्मादपुर थाने के इंस्पेक्टर के लाठी चार्ज करने का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि फतेहपुर सीकरी थाने के दरोगा ने वैश्य समाज को लेकर अपशब्द कहे जाने के मामले से बड़ा हंगामा हो गया। वैश्य समाज के द्वारा थाने में एकत्रित होकर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। अधिकारियों ने दरोगा, सिपाही को निलंबित करना भी उचित नहीं समझा है सिर्फ लाइन हाजिर करके खाना पूर्ति कर दी।
बुधवार रात जय श्रीराम मंदिर परिसर में अग्रवाल सेवा समिति की आम सभा की बैठक आयोजित की जा रही थी। बैठक में अग्रवाल समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, बैठक में कुछ लोगों की ओर से पुलिस को भी बुलाया गया था। इसी दौरान कस्बा इंचार्ज द्वारा बैठक में मौजूद लोगों को डांटने का मामला सामने आया। आरोप है कि बातचीत के दौरान समाज के कुछ लोगों के लिए कथित तौर पर अपशब्दों का प्रयोग किया गया। इस बात को लेकर वहां मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना से नाराज अग्रवाल और वैश्य समाज के लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए फतेहपुर सीकरी थाने पहुंच गए। समाज के लोगों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। लोगों ने थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद वीर सिंह से शिकायत करते हुए पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने कस्बा इंचार्ज और संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कार्रवाई की मांग को लेकर समाज के लोग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। मामले की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में समाज के लोग थाने पहुंचने लगे। देर रात तक लोग थाने के बाहर एकत्र रहे और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि समाज के लोगों के साथ अभद्र व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विरोध कर रहे लोगों ने अपनी शिकायत सांसद और भाजपा जिलाध्यक्ष तक भी पहुंचाई। डीसीपी आदित्य कुमार ने वरुण पंवार और सिपाही हेमंत चौधरी को लाइन हाजिर कर दिया है।











