आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है। यहां नकल को भी लीगलाइज किया जा रहा है। औटा महामंत्री डॉक्टर भूपेंद्र चिकारा ने आज यह आरोप लगाते हुये कहा कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कहा है कि जिन कॉलेजों में कैमरे नहीं चलेंगे उन पर 20 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। इससे कॉलेज संचालकों में खुशी की लहर है क्योंकि वह फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ जैसे बड़े पेपरों में कैमरे बंद रखेंगे, खुलकर नकल कराएंगे और शाम को विश्वविद्यालय में आकर 20 हजार रुपये जमा कर जाएंगे।
औटा ने विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार को लेकर आज अपने कार्यालय पर पत्रकार वार्ता बुलाई। फुफुकटा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने वहां कहा कि विश्वविद्यालय के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। अधिकारी भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। पैसे लेकर केंद्र बनाए जा रहे हैं। परीक्षा समिति के सदस्यों को दरकिनार किया जा रहा है। महामंत्री डॉ. भूपेंद्र चिकारा ने कहा कि इस बार भी परीक्षा केंद्र बनाने में धांधली की जा रही है। कौन केंद्र बना रहा है इस बात का भी जवाब नहीं मिल रहा है। इसके अलावा यह ऐसा पहला विश्वविद्यालय है जहां परीक्षा शुरू करा दी गई हैं और फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। 13 अगस्त को महज 400 छात्रों की परीक्षा थी। परीक्षा में बिना प्रवेश पत्र के ही छात्र शामिल हुए। पेपर भी कम पड़ गए। फोटोस्टेट कराकर पेपर बांटने पड़े। अभी तक सभी छात्रों के फॉर्म ही नहीं भरे गए हैं और परीक्षा शुरू करा दी गई है।
अध्यक्ष डॉ. अनुराधा गुप्ता ने कहा कि परीक्षा समिति की उपेक्षा किया जाना गलत है। अगर विश्वविद्यालय ने ईमानदारी वाली कार्यशैली में काम नहीं किया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता के बाद पदाधिकारी कुलपति से भी मुलाकात करने के लिए गए। कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक से महामंत्री ने कहा कि परीक्षा समिति में तय हुआ था कि केंद्रों की धांधली पर एक 4 सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी। परीक्षा समिति की मिनट में यह बिंदु हटा दिया गया। इस पर कुलपति ने कहा कि वह इस मामले में परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। महामंत्री ने कुलपति से कहा कि इस बार भी केंद्र बनाने में पैसा लिया जा रहा है। इधर डॉ. अनुराग पालीवाल ने कुलपति से पूछा कि क्या इस बार नकल हुई थी? इस पर कुलपति ने कहा कि नकल नहीं हुई है। इस जवाब पर डॉ. पालीवाल ने उनसे कहा कि मैं कॉपियां चेक कर रहा हूं। सभी कॉपियों में एक जैसे जवाब हैं। आप मेरे साथ चलिए मैं दिखा दूंगा।
कुलपति से मुलाकात करने वालों में डॉ. दिग्विजय पाल, डॉ. गौरव कौशिक, डॉ. शशि कांत पांडे, डॉ. निर्मला सिंह, डॉ. निर्भय सिंह, डॉ. पूनम तिवारी, डॉ. अनुराग पालीवाल, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. सुनील बाबू चौधरी आदि शामिल थे।









