आगरा। भारत की शोध गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए हार्वर्ड विश्वविद्यालय हर प्रकार की सहायता करने को तैयार है। यह कहना था हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर तथा सेंटर फॉर ग्लोबल बिजनेस स्टडी के डायरेक्टर प्रोफेसर नरेंद्र के रूस्तगी का।
डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय तथा हार्वर्ड विश्वविद्यालय अमेरिका के संयुक्त तत्वाधान में रिसर्च पेपर राईटिन्ग ऐण्ड टीचिंग पेडागोगी विषय पर अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला शोध छात्रों तथा नवागत शिक्षकों के लिये बहुत ही उपयोगी रही। इस कार्यशाला मे आकलैंड विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर आनन्दी पी साहू, कोपिन स्टेट यूनिवर्सिटी अमेरिका के डा. एम्युनल अनुरुओ, हार्वर्ड विश्वविद्यालय अमेरिका के प्रोवोस्ट और चीफ एजुकेशन ऑफिसर डा. एंथोनी के वुतोह, सेंटर फ़ॉर ग्लोबल बिजनेस स्टडीज, हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल अमेरिका के डायरेक्टर प्रो. नरेन्द्र के रूस्तगी एवं दयाल बाग विश्वविद्यालय की प्रो. सोना दीक्षित, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पर्यटन एवं होटल प्रबंधन मे विभागाध्यक्ष प्रो. लवकुश मिश्र व फिलीपींस के विद्वानों ने विषय पर अपने व्याख्यान दिये।
कार्यशाला का उद्घाटन कुलपति प्रो. आशू रानी व अमेरिका के प्रोवोस्ट व चीफ़ एजुकेशन ऑफिसर डा. अन्थोनी के वुतोह ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर प्रोफेसर आशूरानी ने कहा कि यह विश्विद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षिक साझेदारी के लिये कृत संकल्प है और साथ मिलकर मानवता के लिये कार्य करेंगे।
पूरे विश्व के विभिन्न देशों के 622 लोगों ने अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में पंजीकृत कराया था। कार्यशाला मे हिमांशु, राहुल राजपूत, सत्यवीर सिंह, मानव अग्रवाल आदि का सहयोग रहा।











