आगरा। तीन युवकों को शांति भंग में जेल भेजने की कार्रवाई से आक्रोशित हिंदू संगठनों ने शमसाबाद में थाने का घेराव करने का ऐलान किया था। सुबह से ही भारी संख्या में क्षेत्र में फोर्स तैनात रहा। चप्पे चप्पे पर पुलिस नजर आई। क्षत्रिय सदन पर एकत्रित हो रहे लोगों के बीच में ही एडिशनल कमिश्नर पहुंच गए और वहां पर विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों से ज्ञापन लिया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। चर्चाएं हैं कि कुछ पुलिसकर्मियों पर 24 घंटे के अंदर गाज गिर सकती है।
आगरा रोड पर डीपी होटल में बुधवार को एक युवक सलमान को एक महिला के साथ होटल के कमरे में हिंदूवादी संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया था। सलमान को साथी महिला के साथ होटल में देखकर हिंदू संगठन के लोग आग बबूला हो गए और कमरे से निकलते ही सलमान के साथ जमकर मारपीट करने लगे। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया था। सूचना मिलने पर पुलिस होटल पहुंची और युवक को थाने ले आई। होटल संचालक की तहरीर पर पुलिस ने 20 से 25 अज्ञात लोगों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया था। शनिवार देर शाम पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों को हिरासत में ले लिया था। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह सैकड़ों समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और नारेबाजी करते हुए पुलिस से युवकों की रिहाई की मांग की थी। पूर्व विधायक को आश्वासन दिया गया था कि एसीपी कोर्ट से उन्हें छोड़ दिया जाएगा। क्योंकि सिर्फ शांति भंग में चालान हुआ है। इधर एसीपी ने उन्हें जेल भेज दिया। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया। राजनीति गर्माता देखकर अधिकारी बैकफुट पर आए और देर रात जेल में युवकों को छोड़ने के लिए परवाना भेजा गया। इधर पुलिस की कार्रवाई से आक्रोशित हिंदू संगठनों ने आज थाने का घेराव करने की बात कही। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के आदेश पर पूरे क्षेत्र को सुबह से ही छावनी में बदल दिया गया। इधर क्षत्रिय समाज के लोग और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता क्षत्रिय सदन पर एकत्रित होने लगे। मामला ना बढ़े इसलिए यहां पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर राम बदन सिंह पहुंच गए। ज्ञापन के माध्यम से उनसे मांग की गई कि मुकदमा दर्ज करने वाले जो भी दोषी पुलिसकर्मी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। जो मुकदमा दर्ज हुआ है उसे खत्म किया जाए। होटल में देह व्यापार होता है उस पर भी कार्रवाई की जाए। एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस संबंध में पुलिस कमिश्नर से बात करेंगे और कार्रवाई कराएंगे। कार्रवाई के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है।











