आगरा। न्यू आगरा थाने से लेकर दयालबाग रोड पर लगने वाले जाम को लेकर आगरा के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अरुण कुमार दीक्षित के द्वारा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी। इसमें यह हवाला भी दिया था कि थाने के कबाड़े वाले वाहन भी थाने के सामने रोड पर खड़े रहते हैं, जिससे जाम लगा रहता है। चीफ जस्टिस ने प्रमुख सचिव गृह, पुलिस कमिश्नर आगरा और इंस्पेक्टर न्यू आगरा से पूछा है कि जाम को खत्म कराने के लिए आप क्या इंतजामात कर रहे हैं। थाने के सामने रोड पर जो गाड़ियां, पुलिस की गाड़ियां खड़ी रहती हैं उसके लिए पार्किंग की क्या व्यवस्था कर रहे हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता डॉक्टर अरुण कुमार दीक्षित ने बताया कि वह कई सालों से देख रहे हैं न्यू आगरा थाने से लेकर दयालबाग रोड तक लंबा जाम रहता है। थाने के सामने थाने के कबाड़े के वाहन खड़े हैं। इसके अलावा बीच सड़क पर पुलिस की जीप खड़ी रहती है। अन्य पुलिसकर्मियों के भी वाहन रोड पर ही खड़े रहते हैं। इस कारण लंबा जाम लग जाता है और राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। जाम लगा होने पर भी पुलिसकर्मी कुछ नहीं करते हैं। उन्होंने इन सभी बिंदुओं पर हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका वर्ष 2022 में दाखिल की थी। याचिका में यह भी कहा गया था कि जिस जगह पर न्यू आगरा थाना बना हुआ है। वह जगह थाने की नहीं है। किसी अन्य सरकारी विभाग की है। अवैध रूप से थाने का और भी निर्माण कराया जा रहा है। चीफ जस्टिस के यहां इसकी सुनवाई चल रही थी। चीफ जस्टिस ने याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रमुख सचिव गृह, पुलिस कमिश्नर आगरा, इंस्पेक्टर न्यू आगरा से पूछा है कि उन्होंने अभी तक जाम हटाने के लिए क्या इंतजाम किए हैं। 17 अक्टूबर को उन्हें जवाब दाखिल करना है।












