आगरा। भाई-बहन के अटूट स्नेह और विश्वास के प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार आज आगरा में पूरे उत्साह, उमंग और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही बहनें सज-धजकर भाइयों को राखी बांधने के लिए घरों से निकल पड़ीं। बहनों की आवाजाही बढ़ने के साथ शहर की सड़कों और बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ गई।
सरकार की ओर से रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को तीन दिन तक रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दिए जाने से बसों में यात्रियों की भारी भीड़ नजर आई। आगरा की जिला जेल और सेंट्रल जेल में भी बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए पहुंचीं।रक्षाबंधन पर बहनों के भाइयों के घर जाने और लोगों की आवाजाही बढ़ने से शहर में कई मार्गों पर यातायात का दबाव दिखाई दिया। आगरा से होकर गुजरने वाले हाईवे पर भी वाहनों की संख्या बढ़ गई। कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति बनी रही और वाहन चालकों को धीमी गति से आगे बढ़ना पड़ा। रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं बस अड्डों पर पहुंचीं। बसों में भीड़ बढ़ने के कारण कई यात्रियों को बसों में जगह बनाने के लिए इंतजार करना पड़ा। दूसरी ओर निजी वाहनों से यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ने से सड़कों पर भी यातायात का दबाव लगातार बना रहा। रक्षाबंधन के त्योहार पर आगरा के बाजारों में घेवर की मांग भी चरम पर रही। भाई की कलाई पर राखी बांधने के साथ मिठाई खिलाने की परंपरा के चलते घेवर की जमकर बिक्री हुई। बड़े से लेकर छोटे हलवाई और मिठाई विक्रेताओं की दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ दिखाई दी। हालात यह रहे कि दोपहर होते-होते अधिकांश दुकानों पर घेवर का स्टॉक तेजी से कम होने लगा। कई दुकानदारों के यहां उपलब्ध घेवर समाप्त होने की स्थिति में पहुंच गया। ग्राहक अपनी पसंद का घेवर लेने के लिए मिठाई की दुकानों पर पहुंचते रहे।










