आगरा। ताजगंज में बीते दिनों बिरयानी के पैसे को लेकर हुए विवाद में गुलफाम को गोली मारने वाले दो हत्यारोपी पुलिस ने मुठभेड़ में दबोच लिए हैं। जिसकी इंस्टा आईडी से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला वीडियो वायरल किया गया था, वह भी पुलिस की गिरफ्त में है। हत्या में शामिल एक मुख्य आरोपित अभी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। हत्याकांड का पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने देर शाम खुलासा किया है।
23 अप्रैल की रात शाहिद अली चिकन बिरयानी रेस्टोरेंट पर घटना हुई थी। बाइक पर तीन युवक आए थे। शाहिद अली के चचेरे भाई गुलफाम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एक गोली मौके पर मौजूद सैफ अली को भी मारी थी। गोली उसके कंधे से रगड़ते हुए निकल गई थी। घटना के समय रेस्टोरेंट बंद हो रहा था। गुलफाम के अलावा वहां सैफ अली, मुन्ना और जीशान मौजूद थे। हत्याकांड के एक घंटे बाद इंस्टाग्राम पर मनोज चौधरी की आईडी से भड़काऊ वीडियो पोस्ट किया गया था। जिसमें दो युवक दिख रहे थे। उन्होंने अपनी पैंट में चाकू और तमंचे लगा रखे थे। एक युवक ने हत्याकांड की जिम्मेदारी ली थी। दो लोगों की हत्या की बात बोली थी।
देर शाम हत्याकांड का खुलासा करते हुए पत्रकारों को पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि पुलिस ने हत्याकांड को कमिश्नरेट पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया। हत्याकांड के बाद पोस्ट किए गए वीडियो की जानकारी पुलिस को दूसरे दिन हुई थी। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि वीडियो मलपुरा के गांव नगला भूरिया निवासी मनोज चौधरी की आईडी से पोस्ट किया गया था। वीडियो में हत्या की जिम्मेदारी ले रहा युवक ताजगंज के गांव करभना निवासी पुष्पेंद्र बघेल है। उसके बराबर में जो युवक खड़ा है उसका नाम शिवम बघेल है। वह भी गांव करभना का निवासी है। हत्या के बाद वीडियो गांव करभना निवासी प्रियांश यादव ने बनाया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। सर्विलांस की मदद ली गई थी। छानबीन में पता चला कि हत्याकांड की रात बाइक पर गांव करभना निवासी प्रियांश यादव, शिवम बघेल व पुष्पेंद्र बघेल आए थे। पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। मुठभेड़ के दौरान प्रियांश यादव, शिवम बघेल व मनोज चौधरी को पकड़ा गया है। पुष्पेंद्र बघेल फरार है। उसकी तलाश में दो टीमों को लगाया गया है। वीडियो में नीली बनियान पहले जो युवक दिख रहा था वह पुष्पेंद्र बघेल था। इधर मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हुआ है उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि हत्यारोपियों ने पूछताछ में बताया कि पुष्पेंद्र बघेल ने जानकर हत्या के बाद वायरल वीडियो में क्षत्रिय गौरक्षा दल का नाम लिया था। पिछले दिनों क्षत्रिय करणी सेना ने प्रदर्शन किया था। शहर में बवाल भी हुआ था। पुलिस का ध्यान भटकाने और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने के लिए घटना को पहलगाम से जोड़ने का प्रयास किया था। जबकि हत्याकांड बिरयानी के पैसों को लेकर हुआ था। खुलासे के दौरान पुलिस अपर आयुक्त संजीव त्यागी, डीसीपी अली अब्बास, एसीपी अरीब अहमद भी मौजूद रहे।












