-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। आगरा कमिश्नरेट में थानों में मुकदमा दर्ज कराने के लिए पीड़ितों को फुटबॉल बनाया जा रहा है। साक्ष्य होने पर भी मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा। यह स्थिति तब है जब पुलिस कमिश्नर लगातार मीटिंगों में यह बोल रहे हैं कि पीड़ित की एक बार में सुनवाई होनी चाहिए। थाने से पीड़ित को वापस नहीं किया जाए। लेकिन आगरा में कई थाना और चौकी प्रभारी अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे। वह पुलिस कमिश्नर के आदेशों को भी ठेंगा दिखा रहे। क्या उन्हें अपने ऊपर किसी कार्रवाई का डर नहीं हैं। इसलिए वह निरंकुश हो गए हैं?
केस 1
सरकार महिला अपराध पर गंभीर है लेकिन आगरा के थानों की पुलिस नहीं। ट्रांसयमुना थाने में 51 दिन बाद किशोरी के अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ है। हैरानी की बात यह है कि यह मुकदमा भी पुलिस आयुक्त के आदेश पर लिखा गया है। क्या पुलिस कमिश्नर के द्वारा जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी।
16 वर्षीय किशोरी के पिता अपने स्तर से बेटी की तलाश में जुटे हैं। बुधवार को उन्होंने बताया कि वह सादाबाद में बेटी को तलाश रहे हैं। घटना 27 मई की है। टेढ़ी बगिया के पास रहने वाली किशोरी के माता-पिता मजदूरी करते हैं। उस दिन कोल्ड स्टोरेज में मजदूरी करने गए थे। शाम को वापस लौटे तो बेटी नहीं मिली। छोटी बेटी ने बताया कि बहन को इरफान बुलाकर ले गया था। इरफान बस्ती में रहता है। विवाहित है। माता-पिता बेटी को तलाशते हुए उसके घर पहुंचे। आरोप है कि इरफान के परिजनों ने गालियां दीं। धमकी देकर भगा दिया। किशोरी के पिता ने 27 मई को ही ट्रांसयमुना थाने में तहरीर दी थी। पुलिस उन्हें टहला रही थी। वह थाने के चक्कर लगाकर थक गए तो पुलिस आयुक्त जे रविन्दर गौड के समक्ष पेश हुए। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर 17 जुलाई को मुकदमा हुआ है।
केस 2
संजय प्लेस से 15 जुलाई से मोबाइल व्यापारी लापता है। उसके भाई को नेहरू नगर चौकी प्रभारी और संजय प्लेस चौकी प्रभारी ने फुटबॉल बना दिया। बुधवार की शाम पुलिस हरकत में आई। सीसीटीवी कैमरे खंगालना शुरू किए गए हैं।
एलौरा एन्क्लेव निवासी अंकुर वर्मा की शाह मार्केट में परी मोबाइल के नाम से दुकान है। उनका भाई नीरज वर्मा 15 जुलाई की शाम स्कूटर लेकर दुकान से निकला था। संजय प्लेस पहुंचकर उसने दुकान के कर्मचारी को फोन किया। उसे अपने पास बुलाया। उससे पांच सौ रुपये लिए। उसके बाद कर्मचारी को वापस भेज दिया। रात को जब नीरज घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने तलाश शुरू की। अंकुर ने बताया कि पहले वे न्यू आगरा थाने की चौकी पर गए थे। पुलिस ने कहा कि घटना शाह मार्केट की है। वह मंगलवार को नेहरू नगर चौकी पर गए। यहां उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई और बुधवार को आने के लिए कहा। उन्होंने कहा उनके भाई के साथ अनहोनी भी हो सकती है लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी। वह बुधवार को गए तो कहा गया संजय प्लेस चौकी जाओ। वह संजय प्लेस गए तो शाम को आने के लिए कहा गया। शाम को गए तो उन्हें संजय प्लेस चौकी भेजा गया। चौकी से हरीपर्वत थाने भेज दिया गया। हरीपर्वत थाने से फिर चौकी भेजा गया। बुधवार की शाम पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे देखना शुरू किए हैं। घटना को तत्काल प्रभाव से गंभीरता से नहीं लेने पर क्या चौकी प्रभारी नेहरू नगर और संजय प्लेस के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह देखने वाली बात होगी।
केस-3
न्यू कोर्ट कालोनी जतारा (टीकमगढ़) निवासी महेंद्र कुमार सिरोतिया तहसील में मुंशी है। उनकी बेटी अंजलि की 11 जुलाई को सिकंदरा के शिव पैलेस में शादी थी। फेरों के समय मंडप से महेंद्र कुमार का बैग गायब हो गया। बैग में 7.20 लाख रुपये थे। बैग गायब देख महेंद्र कुमार के होश उड़ गए। सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना कैद हो गयी। दो लड़के उनके आस-पास ही मंडरा रहे थे। एक कोट पहनकर आया था। बैग चोरी होने के बाद रात में ही घटना की सूचना 112 नंबर पर दी गई। पुलिस आई और थाने पहुंचकर तहरीर देने को कहा। रात में पीड़ित पक्ष थाने गए। तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर नहीं ली। कहा कि इसमें से रकम हटाओ। दूसरे दिन बुलाया। दूसरे दिन भी किसी ने तहरीर नहीं ली। इधर से उधर घुमाया। इस माहौल में महेंद्र कुमार ने अपनी बेटी को विदा किया। जब थाने चक्कर लगाकर थक गए तो ऑन लाइन शिकायत दर्ज कराई। उस पर मुकदमा लिखा गया। मुकदमे में रकम नहीं खोली गई है। रकम पांच लाख से अधिक है। एसआर फाइल खोलनी पड़ेगी। उससे बचने के लिए ऐसा किया गया है। पीड़ित का कहना है कि ऐसी पुलिसिंग उनके मध्य प्रदेश में नहीं हैं। वहां पुलिस पीड़ित की मदद करती है।
सभी थाना प्रभारी को कई बार सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं कि पीड़ित की एक बार में सुनवाई की जाए। महिला संबंधी अपराधों को भी गंभीरता से लिया जाए। इसके बाद भी जो थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी पीड़ित को टहला रहे हैं, उनकी जांच कराकर दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जे रविन्द्र गौड, पुलिस कमिश्नर

सभी थाना प्रभारी को कई बार सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं कि पीड़ित की एक बार में सुनवाई की जाए। महिला संबंधी अपराधों को भी गंभीरता से लिया जाए। इसके बाद भी जो थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी पीड़ित को टहला रहे हैं, उनकी जांच कराकर दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









