आगरा। स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट और एडवाइजरी जारी कर दी है। प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रावत ने स्वाइन फ्लू को लेकर जारी एडवायजरी का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
प्रभारी सीएमओ डॉ. अमित रावत ने बताया कि दिल्ली और लखनऊ जैसे शहरों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने के बाद, आगरा में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रदेश सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन को कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभारी सीएमओ ने जानकारी देते हुए कहा कि आगरा पर्यटन नगरी है ऐसे में यहां रोजाना देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ताजमहल और फतेहपुर सीकरी जैसे पर्यटन स्थलों पर देशी-विदेशी पर्यटकों की स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके साथ ही इलाज के लिए जरूरी दवा टैमीफ्लू (Tamiflu) की 5,000 टैबलेट का ऑर्डर दिया गया है ताकि अस्पताल में इसकी कोई कमी न हो। नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि एहतियातन एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए विशेष वार्ड और बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के डॉक्टरों को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई है। साथ ही, जिला अस्पताल और रैपिड रिस्पांस टीम के मेडिकल स्टाफ को एंटी-स्वाइन फ्लू वैक्सीन लगाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू की जांच को लेकर भी विभाग ने स्पष्ट किया है कि हर सर्दी-जुकाम वाले मरीज की जांच नहीं होगी, बल्कि केवल गंभीर लक्षण वाले मरीजों की ही स्वाइन फ्लू जांच की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार का पैनिक (घबराने) की जरूरत नहीं है। केवल विभाग द्वारा जारी एडवायजरी का पालन करें और स्वाइन फ्लू से बचाव करें।
क्या करें
– सार्वजनिक व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का उपयोग करें।
– खांसने या छींकने वाले व्यक्ति से उचित दूरी बनाकर रखें और खुद खांसते समय रूमाल का इस्तेमाल करें।
– समय-समय पर साबुन और पानी से हाथ साफ करते रहें।
क्या न करें
– बिना डॉक्टर की सलाह लिए एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवा न लें।
– यदि आपको सर्दी-जुकाम या बुखार है तो सार्वजनिक जगहों पर जाने से बचें।
स्वाइन फ्लू के मुख्य लक्षण
– तेज बुखार
– खांसी और गले में खराश होना
– सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ या सीने में दर्द होना
– शरीर और सिर में तेज दर्द व कमजोरी महसूस होना
– यदि आपको या आपके आस-पास किसी को ऐसे गंभीर लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें।
इन लोगों को अधिक खतरा
• 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग व गर्भवती महिलाएं।
• रक्त संबंधी बीमारी, डायबिटीज, तंत्रिका तंत्र की बीमारी, कैंसर, टीबी या एचआईवी-एड्स से पीड़ित लोग।
• फेंफड़े, ह्रदय, किडनी या लीवर की बीमारी से पीड़ित लोग।










