आगरा। खंदौली थाना क्षेत्र में 40 श्रद्धालुओं से भरी बस को फाइनेंस कर्मियों के गुर्गों ने गुंडई दिखाते हुए कब्जे में ले लिया। श्रद्धालुओं के साथ हाथापाई करते हुए उन्हें बस से उतार दिया। गुस्साए श्रद्धालुओं ने विरोध करते हुए हंगामा किया। पुलिस मौके पर पहुंची और बिना कार्रवाई के ही लौट गई। श्रद्धालुओं को दूसरे वाहनों से मजबूरन वापस लौटना पड़ा।
आगरा से बुधवार सुबह एक प्राइवेट बस दाऊजी के लिए 40 श्रद्धालुओं को लेकर गई थी। दर्शन के बाद बस श्रद्धालुओं को लेकर वापस आगरा लौट रही थी। जैसे ही बस खंदौली कस्बे में सुबह 11:30 बजे पहुंचे तभी तीन बाइकों पर सवार होकर आए छह लोगों ने बस को घेर लिया और इन गुर्गों ने कब्जे में ले लिया। बाइक सवार तीन युवक खुद को फाइनसेंसकर्मी का प्रतिनिधि बताते हुए बस में सवार हो गए। बस पर चल रहे फाइनेंस की किस्तें बकाया होने की बात कहते हुए वह बस को जबरन यमुना एक्सप्रेसवे इंटरचेंज के बाद स्थित ऑफिस पर ले गए। यहां श्रद्धालुओं से उतरने के लिए कहा तो उन्होंने विरोध किया। आरोप है कि इस दौरान फाइनेंस कर्मी के गुर्गों ने श्रद्धालुओं के साथ हाथापाई की। इससे बस में सवार महिलाएं, बच्चे व अन्य लोग दहशत में आ गए और चीख पुकार मच गई। चालक-परिचालक ने विरोध किया तो उनके साथ भी हाथापाई की गई। फाइनेंस कर्मी के गुर्गों ने श्रद्धालुओं को जबरन बस से उतार दिया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने हंगामा करते हुए सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन फाइनेंसकर्मी के गुर्गों ने बस को नहीं छोड़ा। श्रद्धालुओं ने पुलिसकर्मियों पर मिलीभगत के चलते कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
सिकंदरा, खंदौली में पुलिस की मिलीभगत से चलता यह खेल
सूत्रों की मानें तो सिकंदरा और खंदौली थाना क्षेत्र में फाइनेंस कर्मियों के गुर्गों आतंक है। पुलिस सूत्रों की माने तो महीनेदारी मिलने के कारण पुलिस आंखें बंद किए रहती है। खंदौली की तरह सिकंदरा में भी आए दिन ऐसे ही यह गुर्गे सवारियों और वाहन चालकों को परेशान करते हैं।











