आगरा। देश की जूता नगरी आगरा तीन दिनों तक व्यापारिक उत्कृष्टता और औद्योगिक नवाचार का संगम बनी रही। फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्टर्स चैम्बर (एफमेक) द्वारा आयोजित 17वें मीट एट आगरा – फुटवियर ट्रेड फेयर का समापन रविवार को हुआ, जिसने भारतीय फुटवियर उद्योग के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा। 19,420 आगंतुकों की सहभागिता और लगभग 18,500 करोड़ रुपये के संभावित कारोबारी अवसरों के साथ यह आयोजन भारतीय जूता उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध हुआ। समापन समारोह के मौके पर घोषणा की गई कि अगले साल यह आयोजन दो, चार और पांच अक्तूबर को होगा।
इस वर्ष के मेले में कुल 19,420 विजिटर्स ने भाग लिया जिनमें 8,390 पंजीकृत बिजनेस विजिटर्स, 1751 भावी उद्यमी एवं विद्यार्थी और देशभर के सैकड़ों उद्योगपति शामिल रहे। इस आयोजन ने लगभग 18,500 करोड़ रुपये के संभावित कारोबारी अवसरों की नींव रखी, जो भारतीय फुटवियर सेक्टर के लिए नए स्वर्णिम युग की शुरुआत मानी जा रही है। एफमेक के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने समापन के मौके पर कहा कि तीन दिनों में 19,420 से अधिक विजिटर्स की सहभागिता अपने आप में ऐतिहासिक है। यह आयोजन न केवल व्यापारिक दृष्टि से सफल रहा और उद्यमियों के लिए भी प्रेरणादायक रहा है। फुटवियर इंडस्ट्री में लगभग 18,500 करोड़ रुपये के कारोबार की नींव रखी गई है, जो भारत की औद्योगिक प्रगति का स्पष्ट संकेत है।
डीसीएफएलआई के चेयरमैन एवं एफमेक के पूर्व अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि फुटवियर सिर्फ़ एक प्रोडक्ट नहीं यह विश्व की अर्थव्यवस्था का इंजन है। भारत आज विश्व का तीसरा सबसे बड़ा फुटवियर उत्पादक देश है। यह आयोजन दर्शाता है कि भारतीय उद्योग अब केवल अपने लक्ष्यों को हासिल नहीं कर रहा, बल्कि खुद को विश्व नेतृत्व की पंक्ति में स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है। एफमेक के उपाध्यक्ष राजीव वासन ने कहा कि मीट एट आगरा फुटवियर कंपोनेंट्स इंडस्ट्री के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। इसने प्रतिभागियों को नई तकनीकों से परिचित कराया और उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया है। यह आयोजन केवल व्यापार नहीं, बल्कि ज्ञान और नवाचार का संगम बन चुका है। एफमेक के पूर्व कन्वीनर कैप्टन एएस राणा ने कहा कि ऐसे आयोजनों में प्रत्यक्ष खरीदारी भले ही कम होती हो, लेकिन बिजनेस कॉन्ट्रैक्ट्स का वॉल्यूम उद्योग की आर्थिक क्षमता का प्रमाण है। लगभग 18,500 करोड़ रुपये के अनुबंध इस बात का प्रमाण हैं कि भारतीय फुटवियर उद्योग अभूतपूर्व विकास की ओर अग्रसर है।
बेस्ट एग्ज़ीबिटर अवार्ड – दो स्टॉल्स को उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु सम्मानित किया गया। इनोवेटिव प्रोडक्ट: वीगन विस्टा (आनंद अग्रवाल) और बेस्ट स्टॉल: केएलजे – कमल जैन। मैक्सिमम फुटफॉल : जेटी सोल्स (जतिन खुराना, नितिन खुराना), स्पेशल मेंशन: श्री ओम इंडस्ट्रीज (रोहित सबलोक, मेघना सबलोक), बेस्ट लुकिंग स्टैंड: विकास ऑर्गेनिक – अश्वनी सिक्का, मॉडर्न टेक्निक एंड रोबोटिक्स: शशि एंटरप्राइजेज (नवीन भैया) को मिला।










