आगरा। अवैध शस्त्र लाइसेंस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करने पर पीड़ित की शिकायत पर विवेचना आगरा से लखनऊ के लिए ट्रांसफर हो गई है। अब लखनऊ एसटीएफ टीम के इंस्पेक्टर के द्वारा विवेचना की जा रही है। विवेचक दो दिन आगरा में भी रहकर गए हैं। शुक्रवार को वह कलेक्ट्रेट में भी पहुंचे। वहां कई बिंदुओं पर रिकार्ड मांगा गया।
शास्त्रीपुरम निवासी विशाल भारद्वाज ने अवैध असलाह को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एडीजी एसटीएफ को जांच सौंपी। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद आगरा में एसटीएफ के इंस्पेक्टर यतींद्र शर्मा ने 24 मई को धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत नाई की मंडी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें मोहम्मद जैद खान, नेशनल शूटर अरशद, राजेश कुमार बघेल, भूपेंद्र सारस्वत, शिव कुमार सारस्वत, शोभित चतुर्वेदी और रिटायर्ड असलहा बाबू संजय कपूर नामजद हैं। इसमें से कुछ को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। कुछ को नहीं मिली है। हाईकोर्ट के द्वारा एक समय सीमा निर्धारित की गई है, जिसके अंदर विवेचना पूरी होनी है। आगरा में एसटीएफ के इंस्पेक्टर हुकुम सिंह के द्वारा विवेचना की जा रही थी। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई है। पीड़ित के द्वारा विवेचक के द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं किए जाने और उनकी तबीयत बिगड़ने का हवाला देते हुए मुख्यालय में विवेचना ट्रांसफर करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसके बाद अधिकारियों ने विवेचना लखनऊ के लिए ट्रांसफर कर दी है। इसके साथ ही यह नाराजगी भी व्यक्त की है अभी तक विवेचना में क्यों कुछ नहीं हुआ? विवेचना लखनऊ में एसटीएफ के इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह को मिली है। वह जांच के लिए शुक्रवार को आगरा में आए। उनको द्वारा कई दस्तावेज मांगे गए हैं। वह कलेक्ट्रेट में असलाह ऑफिस में भी गए। वहां से भी कई रिकॉर्ड उनके द्वारा मांगे गए हैं। बताया जा रहा है कि जल्दी ही विवेचना का निस्तारण कर दिया जाएगा।











