आगरा। खंदौली थाना क्षेत्र में मां और बेटे की हत्या के मामले में आरोपी को खोजने के लिए पुलिस जुटी हुई थी। पुलिस ने हत्यारोपी को पकड़ लिया है। हत्यारोपी ने बताया कि बेटी की शक्ल उससे नहीं मिलती थी, उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था, इसलिए उसकी हत्या कर दी।
दस अक्टूबर को मनमोहन सिंह ने अपनी पत्नी और बेटी की हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद वह फरार हो गया था। पुलिस हत्यारोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे पकड़ने के लिए दबिश दे रही थी। बीती रात मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि मनमोहन सिंह इस समय कहीं जाने की फिराक में इंटरचेंज के पास खड़ा हुआ है। पुलिस टीम बताए स्थान पर पहुंची और अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ करने पर अभियुक्त द्वारा बताया गया कि मुझे अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। बेटी का चेहरा मुझसे नहीं मिलता था, जिससे मुझे लगता था कि यह बेटी मेरी नहीं है। किसी और की है। घटना वाले दिन इसी बात को लेकर मेरा पत्नी से झगड़ा हो गया और गुस्से में मैंने पत्नी का गला दबा दिया। शोर सुनकर बेटी भी जाग गई और रोने लगी मुझे लगा कि कोई बाहर सुन ना ले। इसलिए मैंने गुस्से में बेटी का भी मुंह गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद मैंने देखा की पत्नी बेहोशी की हालत में थी तो मैंने पास ही टूटे पड़े हुए शीशे के कांच के टुकड़े से गर्दन पर वार करके हत्या कर दी। पुलिस से बचने को कानपुर, मथुरा आदि अन्य जनपदों में भागता रहा। पैसे खत्म होने पर पैसों का इंतजाम करने दोबारा आगरा आया हुआ था तभी पुलिस ने पकड़ लिया। हत्यारोपी की तीन दिन में गिरफ्तारी करने पर एसपी पश्चिम ने इंस्पेक्टर आनंद वीर सिंह की पीठ थपथपाई है।











