आगरा। अपहरण और दुष्कर्म के मामले में तीन लोगों को न्यायालय ने 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
घटना जून 2011 की है। एत्माद्दौला में एक किशोरी के पिता ने तहरीर दी थी कि मनेाज कुमार निवासी शाहदरा चुंगी उनकी नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया। पुत्री घर से नकदी-जेवरात भी ले गई थी। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया था। जांच के दौरान दो और युवकों के नाम प्रकाश में आये जो कि सगे भाई थे और पीड़िता के भी सगे संबंधी थे। पुलिस ने उनके विरुद्ध किशोरी के अपहरण में सहयोग करने जबकि आरोपित मनोज के विरुद्ध अपहरण एवं दुष्कर्म की धारा में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अपना बयान दिया था कि रात को घर में टीवी देख रही थी। दरवाजा खटखटाने पर उसे खोला तो सामने दोनों सगे संबंधी खड़े थे। उन्होंने कहा कि उसके पिता के साथ रामबाग चौराहे पर दुर्घटना हो गई है। यह सुनकर वे घबरा गई और घर में रखे पैसे लेकर रामबाग पर उनके साथ पहुंच गई। यहां से उसे मनोज और उसके मिलने वाले जबरन ले गए। कई दिन तक उसके साथ दुष्कर्म किया। अपर जिला जज ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने पीड़िता के सगे संबंधियों को अपहरण में सहयोग का दोषी पाते हुए दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।











