आगरा। जगनेर में खेत से लकड़ी लेने गईं दो महिलाओं और एक युवती पर मंगलवार दोपहर तेंदुआ ने हमला कर दिया। वह महिलाओं को जंगल की ओर खींचकर ले जा रहा था। चीख पुकार सुनकर खेतों में काम कर रहे लोग शोर मचाते हुए दौड़ पड़े। इस पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया।
जगनेर के रिछोहा गांव निवासी शकुंतला देवी मंगलवार दोपहर तीन बजे घर से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित नलकूप से लकड़ी लेने के लिए गई थीं। ग्रामीणों ने बताया कि झाड़ियों से निकलकर आए तेंदुआ ने अचानक हमला कर दिया। तेंदुआ शकुंतला को जंगल की ओर खींचकर ले जा रहा था। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों ने शोर मचाते हुए तेंदुआ को खदेड़ा। महिला के हाथ-पैर के साथ ही शरीर के अन्य हिस्सों पर पंजों और दांत के निशान थे। दहशत के कारण पूरा शरीर कांप रहा था।
ग्रामीणों ने बताया महिला पर हमले से दो घंटे पहले गाय के बछड़े पर भी तेंदुआ ने हमला किया था। महेश ने बताया कि कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनकर जब वह पशुवाड़े में पहुंचे तो बछड़ा खेत में मरणासन्न अवस्था में पड़ा मिला। वन विभाग की टीम रिछोहा गांव के पास कांबिंग कर रही थी।
शाम छह बजे रिछोहा गांव से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित मजरा भोजपुरा निवासी पिंकी और उनकी चाची रेनू देवी पर खेतों से लकड़ी लेते समय तेंदुआ ने हमला बोल दिया। शोर सुनकर ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे, इस पर तेंदुआ भाग गया। दोनों के कंधे, हाथ और पैर पर पंजों और दांतों के घाव हैं। तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार देने के बाद एसएन इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है।
रिछोहा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि दो माह पूर्व उनके पालतू कुत्ते पर तेंदुए ने हमला किया था। घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत है। कई ग्रामीण, महिला और बच्चे घरों से बाहर नहीं निकले।










