आगरा। आगरा कमिश्नरेट में कई थाना प्रभारी नाम के हैं, काम के नहीं। चार्ज तो ले लिया लेकिन जानकारी के नाम पर डिब्बा गोल है। इस बात की पोल पुलिस कमिश्नर के द्वारा ली गई लिखित परीक्षा में खुली है। पुलिस कमिश्नर द्वारा क्राइम मीटिंग के नाम पर उन्हें बुलाकर ली गई लिखित परीक्षा से थाना प्रभारियों के सर्दी में भी पसीने छूट गए।
पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड ने कुछ दिनों पहले ही चार्ज लिया है। अब तक वह यह मैसेज दे चुके हैं कि उन्हें साफ सुथरी पुलिसिंग चाहिए। इसके अलावा भ्रष्टाचार पर वह कड़ी कार्रवाई करेंगे। कार्रवाई भी छोटी-मोटी नहीं जेल भेजने वाली होगी। पुलिस कमिश्नर के द्वारा जिस तरीके से दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं उसके बाद हर कोई यही बोल रहा है कि कमिश्नरेट तो उनके आने के बाद बना है। मंगलवार को पुलिस कमिश्नर ने पहली क्राइम मीटिंग ली। क्राइम मीटिंग में जैसे ही सभी थाना प्रभारी आए। पुलिस कमिश्नर ने उनके हाथ में एक-एक पेपर थमा दिया और सभी से प्रश्नों के उत्तर लिखने के लिए कहा। पेपर देखने के बाद थाना प्रभारियों के पसीने छूट गए। कुछ तो परफ्यूम लगाकर और चमकती वर्दी पहन कर गए थे जिससे उनके नंबर बढ़ जाएं। पेपर देखने के बाद वह पैन का ढक्कन चबाते हुए नजर आए। कुछ तो पेपर खाली ही छोड़ आए हैं। कुछ ऐसे हैं जो टॉप 10 अपराधियों में से दो-तीन नाम लिख पाए हैं। जबकि थाना प्रभारी बने उन्हें लंबा समय हो गया है। चर्चाएं हैं कि पुलिस कमिश्नर के द्वारा एक सूची और निकाली जाएगी। इसमें वह थाना प्रभारी हटाए जाएंगे जो सिर्फ नाम के हैं काम के नहीं। इधर पुलिस कमिश्नर ने क्राइम मीटिंग में चर्चित व्यक्ति के ऊपर इशारा करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी विभाग के अलावा अन्य लोगों की जी हजूरी करते हैं। यह बड़ी शर्म की बात है। यह सुनने के बाद उन पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए जो चर्चित से जुड़े हुए हैं।
अवैध काम में संलिप्तता पाए जाने पर भेजूंगा जेल
पुलिस कमिश्नर ने यह भी कहा कि थाना क्षेत्र में किसी भी हाल में जुआ, सट्टा, अवैध खनन, अवैध शराब, गोकशी, गो तस्करी नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में पूर्व में भी अवगत करा दिया गया है। अगर किसी की भी इसमें संलिप्तता मिली तो सीधे जेल भेज दूंगा।
पेपर में क्या प्रश्न पूछे गए जानें
1- थाना क्षेत्र के विभिन्न माफिया के नाम
2- थाना क्षेत्र के टॉप 10 अपराधी के नाम
3- लूट, डकैती आदि गंभीर अपराध कर संपत्ति अर्जित करने वाले 10 सक्रिय अपराधियों के नाम
4- थाना क्षेत्र के 10 हिस्ट्रीशीटर के नाम
5- राजनीतिक दलों के मंडल अध्यक्ष से लेकर विधायक, सांसद का नाम
6- थाना क्षेत्र में रहने वाले किसान नेता, मजदूर नेता, छात्र नेता के नाम
यह चेतावनी भी दी गईं
– जनता और पीड़ितों के साथ में अच्छा व्यवहार रखें
– पीड़ितों को निशुल्क में fir की कॉपी दी जाए
– पुलिसकर्मी अनुशासित रहें
– अवैध कोष की शिकायत मिलने पर जेल भेजने के साथ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी
– अपराधियों को शरण देने पर सीधे मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने के साथ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी
– अधिकारियों के नाम का झांसा देकर जो दलाल मिलें उन्हें सबक सिखाया जाए











