आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में मंगलवार को विधि संकाय में दो रूम की छत का प्लास्टर और फॉल्स सीलिंग गिरने के बाद मरम्मत में खर्च हुए करोड़ों रुपए को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। पिछले तीन सालों में जो करोड़ों रुपए खर्च हुए हैं उसमें हैरान करने वाली बात तो यह है कि यहां शौचालय की मरम्मत में ही भारी राशि फूंक दी गई है। इसके साथ ही खंदारी परिसर, पालीवाल पार्क परिसर कैंपस आदि में रंगाई पुताई और मरम्मत में भी भारी धनराशि खर्च हुई है। क्या यह कागजों में ही हुई है या जमीनी स्तर पर भी? यह सवाल भी खड़े हो रहे हैं। खुलासा भी विश्वविद्यालय की आरटीआई में दिए गए ब्यौरे से ही हुआ है की कहां कितने पैसे खर्च किए गए हैं। यह आरटीआई विवि के पूर्व विधिक सलाहकार डॉ. अरुण कुमार दीक्षित के द्वारा मांगी गई थी। हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि करोड़ों रुपए खर्च किए जाने का ब्योरा बीते सिर्फ 3 साल का है जबकि निर्माण कार्य और मरम्मत कार्य तो उससे पहले भी होते रहे हैं।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में कुछ ना कुछ कारनामे होते ही रहते हैं जिसे लेकर वह खुद ही सुर्खियों में बना रहता है। पूर्व में विजिलेंस ने भी दो कुलपति सहित 19 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार की धारा में एफआईआर दर्ज कराई थी जिसमें चार्जशीट भी लग गई है। पिछले कुछ सालों में विश्वविद्यालय में मरम्मत और निर्माण कार्यों के नाम पर पानी की तरह पैसा बहाया गया है। कहां पर कितना पैसा खर्च हुआ है इस बात का जवाब भी विश्वविद्यालय ने आरटीआई में दिया है। यह सिर्फ बीते 3 साल का ही खर्च का ब्योरा है। पिछले 3 साल में मरम्मत और निर्माण कार्यों में आरटीआई में दिए गए खर्च की बात करें तो कई चौंकाने वाली बात सामने आ रही हैं। विश्वविद्यालय अधिकारियों ने सिविल लाइन में जिस जमीन पर 40 से 45 करोड रुपए की लागत से संस्कृति भवन की बिल्डिंग बनवा दी जिसका वह भूस्वामी भी नहीं है। 2022 में विश्वविद्यालय ने संबंधित निर्माण एजेंसी से बिल्डिंग का हैंडोवर लिया है। हैंडोवर लेने के तुरंत बाद ही इसमें मरम्मत और अन्य कार्य के नाम पर मोटा खर्चा किया गया है। 16 अगस्त 2024 को वित्त समिति की बैठक में संस्कृति भवन में बाहर एवं अंदर से पेंटिंग कार्य, 10 शौचालय ब्लॉक में पानी लीकेज तथा बंद होने के कारण वृहद मरम्मत कार्य आदि के नाम पर 18 लाख रुपए पास किए गए। जब बिल्डिंग नई थी और शौचालय भी नए बने थे तो उसमें मरम्मत कैसे हो सकती है। मरम्मत के नाम पर इस भुगतान को दर्शाकर विश्वविद्यालय की बड़ी वित्तीय हानि की गई है? यह सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां पर बने स्विमिंग पूल में बंदर लैट्रिन कर देते थे। यह दिखाते हुए लाखों रुपए की जाली भी लगवाई गई है। जबकि जब से यह स्विमिंग पूल बना है आज तक खुला ही नहीं है। इस पर हमेशा ताला रहता है। इससे कोई इनकम भी नहीं हुई है।
दाऊ दयाल संस्थान में रंगाई पुताई, नल एवं सेनेटरी एवं मरम्मत आदि के नाम पर 96.28 लाख खर्च
खंदारी परिसर स्थित दाऊ दयाल संस्थान में रंगाई पुताई, नल एवं सेनेटरी एवं मरम्मत आदि के नाम पर 96.28 लाख 28 जुलाई 2023 की भवन समिति की बैठक में पास हुए। एक करोड रुपए में तो बिल्डिंग ही बनकर खड़ी हो जाएगी। आप सोच सकते हैं सिर्फ इतना पैसा एक संस्थान में मरम्मत व सौंदर्यीकरण के नाम पर खर्च किया गया है। 17 अगस्त 2024 को वित्त समिति की बैठक में बेसिक साइंस संस्थान के अंदर रंगाई पुताई एवं अन्य कार्यों के नाम पर भी करीब 20 लाख रुपए पास कर दिए गए। छात्र संघ भवन में शौचालय ब्लॉक का निर्माण एवं अन्य कार्यों के नाम पर 16 अगस्त 2024 को वित्त समिति की बैठक में 42.22 लाख रुपए पास कर दिए गए। खंदारी परिसर स्थित बेसिक साइंस संस्थान कंप्यूटर सेंटर भवन की मरम्मत एवं पुताई आदि के नाम पर 23.67 लाख 28 जुलाई 2023 भवन समिति की बैठक में पास हुए।
सेठ पदमचंद जैन संस्थान के शौचालय के सामने फाइव स्टार के शौचालय भी फेल
सेठ पदमचंद जैन संस्थान में शौचालय मरम्मत और रंगाई पुताई के नाम पर 28 जुलाई 2023 को 32.70 लाख रुपए पास किए गए। 16 अगस्त 2024 को हुई वित्त समिति की बैठक में भी शौचालय की मरम्मत के नाम पर 34.42 लाख रुपए पास किए गए। जब 2023 में मरम्मत हो गई थी तो 2024 में मरम्मत की फिर से आवश्यकता क्यों पड़ गई। सिर्फ एक ही संस्थान के शौचालय की मरम्मत पर 2 साल में 60 से 65 लाख रुपए खर्च कर दिए गए। यहां के शौचालय ने तो फाइव स्टार के शौचालय भी फेल कर दिए।
अंतर्राष्ट्रीय गेस्ट हाउस में मरम्मत और टैंक निर्माण के नाम पर 90 लाख खर्च
16 अगस्त 2024 को अंतर्राष्ट्रीय गेस्ट हाउस की मरम्मत और टैंक के निर्माण कार्य के लिए 88.29 लाख रुपए पास किए गए।
आईईटी में इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन और रसायन विज्ञान प्रयोगशाला की मरम्मत के नाम पर भी 199. 40 लाख खर्च
16 अगस्त 2024 को हुई वित्त समिति की बैठक में आईईटी में इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन और रसायन विज्ञान प्रयोगशाला की मरम्मत एवं इंटरनल वाटर सप्लाई और सेनिटेशन के नाम पर भी 199. 40 लाख पास किए गए।
खंदारी में सड़क के लिए 102. 64 लाख व 29 लाख खर्च हुए
बेसिक साइंस से आरोग्य केंद्र के बीच में थोड़ी सी ही दूरी है। इसके बीच में सड़क का लेवल करने व इंटरलॉकिंग के नाम पर ही 28.38 लाख रुपये 16 अगस्त 2024 की बैठक में पास कर दिए गए। खंदारी परिसर में सड़क के नाम पर 16 अगस्त 2024 को ही बैठक में 102. 64 लाख रुपए पास कर दिए गए।
जुबली पार्क में करब स्टोन सहित इंटरलॉकिंग पाथवे व अन्य कार्यों में 51.16 लाख खर्च
जुबली पार्क में क्लब स्टोन सहित इंटरलॉकिंग पाथवे दाऊ दयाल संस्थान व आईटीएचएम संस्थान के बीच चैन लिंक फेंसिंग कार्य दाऊ दयाल और आईटीएचएम के सामने इंटरलॉकिंग कार्य आदि में 51.16 लाख खर्च किये गए।
पालीवाल पार्क परिसर में बृहस्पति भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम करीब 50 लाख में तैयार हुआ, मरम्मत-पुताई में भी लाखों खर्च
पालीवाल पार्क स्थित बृहस्पति भवन में डिजिटल वार्ड कॉन्फ्रेंस वीडियो कॉन्फ्रेसिंग सिस्टम और फर्नीचर कार्य में 47.38 लाख खर्च किये गए। पालीवाल पार्क परिसर बाउंड्री वॉल की मरम्मत और पुताई कार्य में 11.47 लाख, पालीवाल पार्क परिसर स्थित केएमआई, आईएसएस के बाहरी भाग की मरम्मत और पुताई कार्य में 9.70 लाख, पालीवाल पार्क स्थित मुख्य कार्यालय भवन परीक्षा भवन गोपनीय विभाग व दीनदयाल संस्थान के बाहरी भाग की मरम्मत एवं पुताई कार्य में 9.87 लाख खर्च किये गए। पालीवाल पार्क स्थित कुलपति ऑफिस के पास पोस्ट ऑफिस के बगल में लोहे का गेट और खंदारी परिसर स्थित गेस्ट हाउस लोबी के कुछ भाग में वॉल पेनलिंग में 1.26 लाख, पालीवाल पार्क परिसर कुलपति कार्यालय के प्रथम तल पर IQEC सेल पीवीसी, फाल्स सीलिंग सीढ़ी पर ग्रेनाइट फ्लोरिंग के कार्य में 12.28 लाख, गोपाल कुंज परिसर में पुताई एवं टाइल फर्श कार्य में 4.04 लाख खर्च किये गए। 20 मार्च 2023 को हुई वित्त समिति की बैठक में यह पास हुए।
पार्क में घूमने को पाथ वे का निर्माण कार्य में 19.52 लाख व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम तैयार करने में 25.69 लाख किए खर्च
दाऊ दयाल संस्थान तथा टीचर्स कॉलोनी के बीच की पुरानी जर्जर दीवार का पुनर्निर्माण तथा रेडियो स्टेशन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम अल्युमिनियम पार्टीशन फाल्स सीलिंग आदि के नाम पर 25.69 लाख, खंदारी परिसर स्तिथ अतिथि गृह के बाएं भाग के भूमि तल पर स्थित कक्ष में चांसलर सूट एवं कैंप कार्यालय तैयार करने के कार्य में 24.60 लाख, दीक्षांत स्थल पार्क के बगल स्थित पार्क में घूमने को पाथ वे का निर्माण कार्य में 19.52 लाख रुपए 28 जुलाई 2023 की बैठक में पास किये गए। स्वामी विवेकानंद परिसर खंदारी में स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा तल का निर्माण और ग्रेनाइट रेलिंग के नाम पर करीब 10 लाख रुपए पास किए गए। खंदारी परिसर कार्यालय निर्माण कार्य में भी 11.76 लाख खर्च किये गए।
छलेसर कैंपस में मरम्मत, पुताई और शौचालय के रिनोवेशन नाम पर जो धनराशि खर्च हुई वह चौकाने वाली
छलेसर कैंपस में मरम्मत और शौचालय का रिजर्वेशन बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य आदि के नाम पर बड़ी धनराशि खर्च हुई है। आप हैरान हो जाएंगे सरस्वती भवन के आठ टॉयलेट रिनोवेशन के नाम पर 20.60 लाख, फार्मेसी लैब ब्लॉक में शौचालय इनोवेशन के नाम पर भी 14.36 लाख रुपए, परिसर स्थित फार्मेसी लैब भवन की भीतरी एवं बाहरी भाग की मरम्मत पुताई में 20.59 लाख, सरस्वती भवन की भीतरी एवं बाहरी मरम्मत एवं पुताई कार्य में 24.55 लाख, मैग्नेट के पास की बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य में 11.77 लाख 15 मार्च 2023 की भवन समिति की बैठक में पास किए गए। मिनी स्टेडियम में भी 383.11 लाख खर्च किये गए।
12 करोड रुपए में बनने वाला शिवाजी मंडपम 25 करोड़ से ऊपर खर्चे पर पहुंचा
विश्वविद्यालय में पहले से ही जेपी सभागार जुबली हॉल और संस्कृति भवन में ऑडिटोरियम था। इसके बावजूद शिवाजी मंडपम और बना दिया गया। यह 12 करोड रुपए में बनेगा यह प्रपोजल तैयार हुआ था। लेकिन बनते बनते यह 25 से 30 करोड रुपए पर पहुंच गया। शिवाजी मंडपम में स्टेज, लाइट साउंड पर्दे आदि में 463.41 लाख खर्च किये गए। इसके साथ ही कुर्सी, साउंड प्रूफिंग आदि कार्य में 229.02 लाख खर्च हुए।









