आगरा। पूर्व एसएसपी प्रभाकर चौधरी के द्वारा कारखासी के चलते लाइन हाजिर किए गए 41 पुलिसकर्मियों को जज कंपाउंड में सुरक्षा के लिए लगाया गया है। इसके बाद उनके चेहरे उतर गए हैं। वह आपस में बोल रहे हैं कि थाना प्रभारियों के चक्कर में वह बुरे फंस गए। थानों में पोस्टिंग पाना तो सपना रह गया।
बता दें कि एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने अपने कार्यकाल के दौरान ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची बनवाई थी जो थाने में थाना प्रभारी की कारखासी करते थे। जारी हुई सूची में इनकी संख्या 41 थी। सभी को लाइन में भेजा गया था। यहां से उन्हें विशेष प्रशिक्षण में भेजा गया। कई महीने से सभी विशेष प्रशिक्षण में ही चल रहे हैं। सिर्फ एक पुलिसकर्मी ने थाने में ट्रांसफर कराने में बाजी मारी। हेड कांस्टेबल अजय जायसवाल को न्यू आगरा थाने में तैनाती पाता देख अन्य पुलिसकर्मी आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे कि हमारे साथ भेदभाव हो रहा है। हमारी भी पोस्टिंग थानों में की जाए। इधर डीसीपी सिटी सूरज राय के द्वारा सभी 41 पुलिसकर्मियों की जज कंपाउंड सुरक्षा हेतु ड्यूटी लगाई गई है। न्यू आगरा थाने में भेजे गए अजय जायसवाल की भी इसमें ड्यूटी लगी है। आदेश जारी हुए दो दिन हो गए हैं लेकिन अभी तक उनकी रवानगी नहीं की गई है। सभी पुलिसकर्मियों की अजय जायसवाल की रवानगी के ऊपर निगाहें टिकी हैं। पुलिसकर्मियों का आपस में कहना है कि अगर सजा मिले तो सभी को बराबर मिले। अगर अजय जायसवाल को थाने से नहीं हटाया गया तो वह हाईकोर्ट जाकर रिट दाखिल करेंगे। इधर पुलिसकर्मी आपस में यह भी बोल रहे हैं कि थाना प्रभारी की वसूली के चलते उनकी लाइन पटरी से उतर गई। काश थाना प्रभारी पर भी कार्रवाई हो जाती, जिनके लिए वह कारखासी का काम करते थे।











