आगरा। एत्मादपुर थाने के मालखाने से एक लाइसेंसी बंदूक चोरी होने का मामला सामने आया है। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर थाना पुलिस के द्वारा मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। बंदूक किसने चोरी की है यह जांच का विषय है। सवाल यह भी खड़े हो रहे हैं कि अब क्या थाने के माल खाने भी सुरक्षित नहीं है?
गांव बिहारीपुर के रामनिवास ने बताया कि उसके पिता श्यामवीर सिंह पूर्व प्रधान थे। 14 जुलाई 2012 को चुनाव के समय पिता ने अपनी लाइसेंसी बंदूक एत्मादपुर थाने में जमा की थी। उसके बाद पिता की तबियत खराब हो गई, उन्हें लकवा मार गया। वह बंदूक रखने की स्थिति में नहीं थे। इसलिए थाने बंदूक लेने नहीं गए। बीच में वह कई बार थाने बंदूक लेने गया उससे कहा गया कि जिनके नाम लाइसेंस है उन्हें ही दी जाएगी। वह वापस लौट आता था। 14 मार्च 2021 को पिता का देहांत हो गया। उसने वारिसान में अपना शस्त्र लाइसेंस बनवाया। 10 मई 2023 को उसका लाइसेंस बना। उसके बाद से वह अपनी बंदूक लेने के लिए थाने चक्कर काट रहा है। कई चक्कर काटने पर उसे बताया गया कि बंदूक मालखाने में मिल नहीं रही है। इस जानकारी के बाद पीड़ित ने पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस आयुक्त ने तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। वर्ष 2012 में मालखाने का चार्ज किसके पास था। नए मालखाना मुहर्रिर ने चार्ज में बंदूक ली थी या नहीं। यह पुराने रिकार्ड में देखा जा रहा है। इस मामले में रिकार्ड देखने के बाद तय होगा कि मुकदमा किसके नाम दर्ज होगा। बंदूक नहीं मिलने पर गबन की धारा के तहत मुकदमा लिखा जाएगा।
मालखाने में पहले भी हो चुकी चोरी
मालखाने से माल गायब होने का यह पहला मामला नहीं है। अक्तूबर 2021 में जगदीशपुरा थाने के मालखाने से 25 लाख रुपये चोरी हुए थे। पुलिस ने शक में सफाई कर्मचारी को पकड़ा था, उसकी हिरासत में मौत हो गई थी। बवाल हुआ था। कई लोग निलंबित हुए थे। बंदूक गायब होने का भी यह पहला मामला नहीं है। पूर्व में न्यू आगरा और रकाबगंज थाने में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।











