आगरा। जगदीशपुरा जमीन कांड में पुलिस अभी तक बिल्डर उनके बेटे और अन्य लोगों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। बिल्डर और उनके बेटे पर 25 हजार का इनाम है। दबिश पर दबिश देने के बावजूद पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। चर्चाएं हैं कि पुलिस को बिल्डर के समर्पण का इंतजार है। इसके अलावा हैरानी की बात यह है कि पुलिस और बिल्डर के बीच डील किसने कराई थी। कैसे-कैसे कब्जे की पटकथा लिखी गई थी। अभी तक एसआईटी यह जानकारी नहीं कर सकी है।
करीब 50 करोड रुपए की जमीन पर कब्जा कराने के लिए दो फर्जी मुकदमे दर्ज कर पांच निर्दोष लोगों को जेल भेजा गया था। इसके बाद रातों रात जमीन पर कब्जा हुआ था। डीजीपी से शिकायत के बाद मामला सुर्खियों में आया और कार्रवाई शुरू हुई। कथित मालकिन की तहरीर पर मुकदमा लिखा गया। पुलिस ने सबसे पहले अमित अग्रवाल को पकड़ा। वह घर पर ही मिल गया था। उस पर पीड़ित परिवार को धमकाने का आरोप था। इसके बाद एसओ जितेंद्र कुमार की गिरफ्तारी हुई। एसओ की सरकारी नौकरी पर कार्रवाई की तलवार लटक रही थी। इसलिए वह पुलिस के सामने आया। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया पर राज नहीं खुले। एसओ ने यह कहकर अपना बचाव किया कि उसने तो वायरल वीडियो पर दबिश दी थी। गांजा बरामद हुआ था। वीडियो किसने बनाया, किसने वायरल किया, इस सवाल का जवाब एसआईटी आज तक नहीं खोज पाई। पुरुषोत्तम पहलवान की गिरफ्तारी भी नाटकीय अंदाज में हुई थी। उस पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ था। उसने भी पुलिस को उतना ही बताया जितना पुलिस पहले से जानती थी। उससे पूछताछ में किशोर बघेल और आनंद जुरैल का नाम सामने आया था। दोनों अभी तक नहीं पकड़े गए हैं।
राजपुर चुंगी स्थित एक होटल संचालक का नाम भी मामले में सुर्खियों में छाया हुआ है। वह भी पुलिस की रडार पर है। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि एसओ की कॉल डिटेल में कुछ सुराग मिले थे। होटल संचालक को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। पुलिस पहले कुछ साक्ष्य जुटा रही थी। ताकि पूछताछ के समय उन्हें सामने रखा जा सके। साक्ष्य जुटा लिए गए हैं। जल्द ही होटल संचालक से पूछताछ की जाएगी।











