आगरा। डॉ भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय कॉलेजों से ज्यादा फीस वसूल रहा था। इस बात को लेकर कॉलेज एसोसिएशन हाईकोर्ट में चली गई थी। हाईकोर्ट ने कॉलेज संचालकों को राहत दी है, जिसके बाद उनके चेहरे पर खुशी का आलम है। कॉलेज संचालकों का कहना है कि अभी तक विश्वविद्यालय हमें बकायदार ठहराकर नोटिस दे रहा था। अब उल्टा हमारे उस पर 20 करोड़ निकल रहे हैं। क्योंकि उसने हमसे ज्यादा फीस वसूली है। यह वापस करने के लिए हम उल्टा उन्हें नोटिस देंगे।
शासन ने सभी कोर्सो की फीस निर्धारित कर रखी है। विश्वविद्यालय उनसे निर्धारित फीस से भी ज्यादा फीस वसूल रहा था। विश्वविद्यालय कॉलेज वालों पर आरोप लगा रहा था कि उनके ऊपर शुल्क बकाया निकल रहा है। वह पूरी फीस जमा नहीं कर रहे हैं। अधिकतर कॉलेजों ने दबाव में ज्यादा फीस जमा कर दी थी। वहीं 28 कॉलेज सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के बैनर तले विश्वविद्यालय की फीस वसूली के खिलाफ हाईकोर्ट में गए थे। वहां से कॉलेज संचालकों के पक्ष में निर्णय आया है। हाईकोर्ट ने शासन द्वारा निर्धारित परीक्षा शुल्क लेने का आदेश दिया है। इधर परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश का कहना है कि वह इस मामले में विधिक सलाह ले रहे हैं। सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेश चौधरी का कहना है कि अभी तक विश्वविद्यालय हमें 20 करोड़ का बकायदार ठहरा रहा था। अब उल्टा उस पर हमारे 20 करोड़ निकल रहे हैं। विश्वविद्यालय से पैसा वापस लेने के लिए उसे नोटिस दिया जाएगा। इसके साथ ही उन पर पूर्व में भी उल्टा कॉलेज वालों के 100 करोड़ रुपए निकल रहे हैं। वह भी अभी तक वापस नहीं किए हैं। महामंत्री डॉ. आशुतोष पचौरी का कहना है कि विश्वविद्यालय ने कॉलेज संचालकों की छवि खराब करने की भी आरोप लगाते हुए कहा है कि इसके लिये मानहानि का भी नोटिस दिया जाएगा।
टल सकती हैं परीक्षाएं
आगरा। विश्वविद्यालय की 13 अगस्त से परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। अभी तक केंद्र ही फाइनल नहीं हुए हैं। ना ही छात्रों के परीक्षा फॉर्म भरे गए हैं। ऐसे में परीक्षाएं आगे बढ़ सकती हैं। बताया जा रहा है कि 99 हजार छात्रों में से केवल 9 हजार छात्रों के ही फॉर्म भरे गए हैं।











