आगरा। जगदीशपुरा जमीन कांड में एसआईटी ने अभी तक क्या कार्रवाई की है, इसकी समीक्षा करने के लिए पुलिस कमिश्नर ने एसआईटी के सदस्यों के साथ मीटिंग की। पुलिस कमिश्नर ने दो टूक कहा कि जो फरार आरोपी हैं उनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए। इसके साथ ही निष्पक्ष जांच की जाए।
बोदला में 50 करोड रुपए की जमीन पर कब्जा कराने के लिए दो फर्जी मुकदमे दर्ज कर पांच निर्दोष लोगों को जेल भेजा गया था। मामले की तत्कालीन डीजीपी से शिकायत हुई थी। लखनऊ से टीम जांच करने आई थी। जानकारी के बाद कमिश्नरेट पुलिस में खलबली मची थी। आनन-फानन में सात जनवरी को जमीन की कथित मालकिन उमा देवी की तहरीर पर डकैती सहित अन्य धाराओं में मुकदमा लिखा गया था। मुकदमे में एसओ जितेंद्र कुमार, बिल्डर कमल चौधरी उनके बेटे धीरू चौधरी सहित 18 को आरोपित बनाया गया था। सबसे पहले पुलिस ने अमित अग्रवाल को पकड़ा था। उसके बाद एसओ को जेल भेजा। तीसरे नंबर पर पुरुषोत्तम पहलवान की गिरफ्तारी हुई। बिल्डर मुकदमा दर्ज होते ही शहर से फरार हो गए थे। बिल्डर और उनके के बेटे को हाई कोर्ट से राहत मिल गई है। 31 दिन तक पुलिस उनकी गिरफ्तारी नहीं कर पाई इस बात को लेकर पुलिस कमिश्नर भी नाराज थे। शुक्रवार शाम को उन्होंने जांच के लिए गठित एसआईटी की मीटिंग बुलाई। सदस्यों से उन्होंने अभी तक क्या-क्या कार्रवाई हुई है इसके बारे में जानकारी की। इसके साथ ही निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए।











