आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्व विद्यालय के दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों और शिक्षकों को कई नसीहतें दीं। कुलाधिपति ने कहा कि 10 साल पहले विश्वविद्यालय टॉप पर था। इसे हम फिर से टॉप पर लाना चाहते हैं। कुलाधिपति ने यह भी कहा कि आज का यह दीक्षांत समारोह नए सत्र की शुरुआत में हो रहा है। पूरी साल बीत गई अब 23-24 दीक्षांत समारोह का समय आया है। मेरी एक ही प्रार्थना है अगले साल का दीक्षांत समारोह जुलाई-अगस्त में होना चाहिए।
कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के द्वारा दीक्षांत समारोह में 120 छात्रों को मेडल दिए गए। सबसे ज्यादा 10 मेडल एसएन मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस की छात्रा डॉक्टर प्राची गुप्ता को मिले। कुलाधिपति ने अपने भाषण में कहा कि सब कुछ रेग्युलर होना चाहिए। अगले साल जुलाई से दीक्षांत का प्रारंभ हो जाएगा। तैयारी करें, आगे बढ़े। पीछे रहने से छात्रों को कितना नुकसान हो रहा है। आज इधर कालेज के शिक्षक भी होंगे, क्या ऐसा होता है कि परीक्षा में रिजल्ट में, प्रश्न पत्र निकालने में आपसे गलती हो जाती है। अगर गलती अनपढ़ लोगों से होती तो समझ आती। अगर मास्टर डिग्री वाले लोग भी गलती करेंगे तो क्या होगा। अभी जिन छात्रों को यूजी, पीजी और पीएचडी डिग्री मिली है उन्हें प्लेसमेंट मिल गया। आपका भला कब होगा। आज डिग्री मिलेगी, चार महीने बाद प्लेसमेंट करोगे! जितनी जगह थी उतनी पूरी हो गई। विश्वविद्यालय को टॉप पर लाने का संकल्प लें।

कुलाधिपति ने कहा मैंने वीसी को कहा है कि 15 मार्च के बाद कोई भी तारीख दे दूंगी, आपको सारी तैयारी करने के बाद राजभवन आना है। आपको ए प्लस प्लस चाहिए तो तैयारी करके आइए। देशहित और छात्र हित के लिए काम करना चाहिए। अब तो कड़क होना पड़ेगा। मैं पेपर निकालती हूं तो कोर्स के बाहर का सवाल पूछती हूं और छात्र का नुकसान होता है तो किसकी जिम्मेदारी है। जिसने पेपर गलत निकाला तो उस पर कड़क कार्रवाई होनी चाहिए। कल रात को मैंने कहा था कि कालेजों की ग्रेडिंग कीजिए। जो अच्छा कॉलेज चलता है, उसे ए ग्रेड में रखो। जो थोड़ी गड़बड़ी करे तो उसे बी में रखें। सी ग्रेड के कॉलेजों पर गंभीर एक्शन लीजिए। कॉलेज चलाएं तो अच्छी तरह चलाएं। टीचरों को मेहनत करनी होगी। हर टीचर को एक, अध्यापकों को दो कॉलेज मिलेंगे। वहां पर जाकर देखेंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर, लैब, सुविधाओं को देखेंगे। पढ़ाई भी देखेंगे।
कुलाधिपति ने नसीहत देते हुए कहा कि कोई राजनीतिक दल विश्वविद्यालय परिसर में न आएं, जब विवि कड़क निर्णय ले। उन्होंने कहा कि छात्रों को झगड़ा करना है तो लेक्चर न होने पर करें। डिग्री डिजी लॉकर में दे दी गई हैं। अंक तालिका भी इसमें हैं। कोई डिग्री कॉलेज में नहीं जाएंगी। वह डाउनलोड करें या छात्रों को समझाएं कि डाउनलोड कर लें। विवि में न आएं। अब सब कुछ ऑनलाइन है। मुख्य अतिथि वैज्ञानिक तथा प्रौद्योगिक अनुसंधान परिषद की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी का कहना था कि पांच लाख विद्यार्थियों को पढ़ाना और 1.3 लाख विद्यार्थियों को डिग्री देना आसान नहीं है, लेकिन आज डिजिलॉकर के माध्यम से सिर्फ एक क्लिक से यह संभव हो सका है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा वह होनी चाहिए जो संस्कार दे, चरित्र बनाए, व्यक्ति का निर्माण करे। कुलपति प्रोफेसर आशु रानी ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या पड़ी। उन्होंने बताया कि 834 छात्रों का प्लेसमेंट हुआ है। डिजिलॉकर पर मार्कशीट और डिग्री डाल दी गई हैं।

दीक्षांत समारोह में नारायण कॉलेज, शिकोहाबाद की एमए हिंदी की छात्रा निवेदिता सिंह को 5, सेंट जोंस कॉलेज की एमए अर्थशास्त्र की छात्रा श्रुति माहेश्वरी और विवि के पालीवाल पार्क परिसर स्थित समाज विज्ञान संस्थान के एमएसडब्ल्यू के छात्र श्रेष्ठ वर्धन शुक्ला को 4-4 पदक मिले।

सेंट जोंस कॉलेज की बीएससी तृतीय वर्ष की इला अहमद, एसएन मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस फाइनल प्रोफेशनल की विशिका हरपलानी व श्री सुरेश चंद्र सिंघल महाविद्यालय की बीए तृतीय वर्ष की भावना उपाध्याय को 3-3 पदक दिए गए। वहीं, 12 पदक ऐसे हैं जो दो-दो विद्यार्थियों को दिए गए।

इन प्रोजेक्ट का लोकार्पण व शिलान्यास किया
खंदारी परिसर में छात्र परिषद भवन, नवग्रह वाटिका व आरोग्य वाटिका, विश्वविद्यालय आरोग्य केंद्र, बेसिक विज्ञान विभाग में सौर ऊर्जा संयंत्र, प्रधानमंत्री कौशल विकास कंप्यूटर लैब, कुलाधिपति निलयम, स्कूल ऑफ लाइफ साइंस में पर्यावरण विज्ञान प्रयोगशाला, लेक्चर कैप्चरिंग फेसिलिटी सेंटर, पालीवाल पार्क परिसर में के.एम. मुंशी अभिलेख धरोहर संग्रहालय व शोध केंद्र, छलेसर परिसर में सौर ऊर्जा संयंत्र, महाराणा प्रताप छात्रावास, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम का शिलान्यास किया गया।

यह रहे उपस्थित
कुलसचिव राजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक ओमप्रकाश, प्रति कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा, प्रोफेसर सुगम आनंद, प्रोफेसर संजीव कुमार, प्रोफेसर संजय चौधरी, प्रोफेसर मनु प्रताप सिंह, प्रोफेसर प्रदीप श्रीधर, प्रोफेसर बृजेश रावत, प्रोफेसर बिंदु शेखर शर्मा, प्रोफेसर बीपी सिंह, प्रोफेसर लवकुश मिश्रा, प्रोफेसर बीडी शुक्ला, प्रोफेसर यूसी शर्मा, प्रोफेसर रणवीर सिंह, लेफ्टिनेंट रीता निगम, प्रोफेसर अनिल गुप्ता, प्रोफेसर अर्चना सिंह, डॉ. अखिलेश सक्सेना, शिक्षक नेता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान, विश्वविद्यालय के विधिक सलाहकार डॉक्टर अरुण कुमार दीक्षित, पीआरओ पूजा सक्सेना।











