आगरा। राजा की मंडी बाजार व्यापार मंडल के अध्यक्ष हेमनदास जैसवानी हत्याकांड में बुधवार को विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट पुष्कर उपाध्याय की अदालत ने फैसला सुनाते हुए कुख्यात प्रांजल, उसके भाई प्रवीण और चेतन को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 1.85 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
28 नवम्बर 2014 को राजा की मंडी बाजार में हेमनदास की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। हत्याकांड के चलते व्यापारियों में भी भारी रोष व्याप्त था। बाजार बंद कर जोरदार प्रदर्शन किया गया था। हेमन दास के बेटे सुशील की तहरीर पर प्रांजल समेत पांच पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक और दिल दहला देने वाली वारदात हुई थी। 12 अगस्त 2015 को वादी और हेमनदास के पुत्र सुशील अपनी दुकान बंद कर रहे थे, तभी उनकी भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हमले में उनका छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया था। बदमाशों के डर से उसने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर अदालत में गवाही दी थी। न्यायालय ने बीते शनिवार को सबूतों के अभाव में आरोपित लोहामंडी के सूरज और मोनू वर्मा को बरी कर दिया।











