आगरा। धर्मांतरण गैंग के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के दोनों बेटों और जुनैद ने कई राज्यों में युवतियों को अपने जाल में फंसाकर उनका धर्मांतरण कराया है। पुलिस पूछताछ में यह सामने आने के बाद खलबली मच गई है।
सदर थाना क्षेत्र की रहने वालीं दो युवतियां 24 मार्च को लापता हुई थीं। उनके पिता ने उसी दिन थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि उधमपुर (जम्मू कश्मीर) की साईमा उर्फ खुशबू उनकी बेटियों को धर्मांतरण कराके शादी कराने के लिए बहला फुसला कर ले गई है। आगरा पुलिस ने लापता दोनों बहनों को कोलकाता से बरामद किया। इसके बाद चौंकाने वाला सच सामने आया। सच सामने आने के बाद पुलिस ने छह राज्यों में ताबड़तोड़ दबिश देकर धर्मांतरण कराने वाले इस गिरोह के सरगना समेत 10 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद गैंग के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया और उसके बाद उसके दोनों बेटों और जुनैद को। यह गिरोह आईएसआईएस आतंकी संगठन के मॉडयूल पर काम कर रहा है। इसके प्रतिबंघित संगठन पीएफआई, एसडीपीआई और पाकिस्तान की एजेन्सियों से जुड़े होने के साक्ष्य भी मिले हैं। इस गिरोह को कनाडा, अमेरिका, पाकिस्तान समेत कई देशों से फंडिंग की जा रही थी। पुलिस ने अभी तक 14 गिरफ्तारी की हैं। इधर पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया है कि अब्दुल रहमान के दोनों बेटों अब्दुल्ला, अब्दुल रहीम व हरियाणा की दलित युवती से जबरन निकाह करने वाले जुनैद से पूछताछ की गई है तो पता चला है कि इन्होंने कई युवतियों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया है। 6 से 7 राज्यों में धर्मांतरण कराने की जानकारी मिली है। आगरा से लापता अन्य दो युवतियों के बारे में भी पुलिस को कुछ सुराग मिले हैं। उनकी बरामदगी के लिए पुलिस जुट गई है।
पुलिस अधिकारियों ने अब्दुल रहमान से पूछताछ के लिए प्रश्नों की अलग-अलग सूची तैयार भी की है जिससे कि उससे प्रत्येक बिंदु पर विस्तृत पूछताछ करके गिरोह से जुड़े अन्य प्रमुख लोगों तक पहुंचा जा सके। उसके खातों में कहां-कहां से रकम भेजी गई? उसे फंडिंग करने वाले लोग कौन हैं?
घर वापसी को तैयार नहीं अब्दुल रहमान
मूलरूप से फिरोजाबाद के थाना रजावली के गांव रामगढ के रहने वाले अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह ने वर्ष 1990 में मतांतरण किया था। तीन दशक से भी अधिक समय से वह दिल्ली के सीलमपुर स्थित मुस्तफाबाद में परिवार के साथ रह रहा था। बताया जा रहा है कि वह घर वापसी को तैयार नहीं है। जबकि राजस्थान का पकड़ा गया एक युवक हिंदू धर्म में वापस आने को तैयार है।
इन प्रश्नों के उत्तर जानेगी पुलिस
– किन बैंकों में कितने खाते हैं, इनमें कितनी रकम स्थानांतरित की गई?
-परिवार के सदस्यों के कितने बैंक खाते हैं, इन खातों में कितनी रकम आई?
-बैंक खातों में कहां-कहां से फंडिंग आती है, रकम भेजने वाले कौन लोग हैं?
-सर्वाधिक लेनदेन किन खाता धारकों द्वारा किया?
धर्मांतरण के विरोध में कल सिंधी पंजाबी समाज की बैठक
धर्मांतरण के मामलों को लेकर आगरा के सिख, पंजाबी एवं सिंधी समाज के प्रमुख लोगों की महत्वपूर्ण बैठक गुरुद्वारा शाहगंज आगरा में कल बुलाई गई है। बैठक को मुख्य रूप से विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री राजेश संबोधित करेंगे।











