आगरा। धर्मांतरण गिरोह का जाल नेपाल से लेकर नागालैंड तक फैला हुआ था। पुलिस जांच में यह सामने निकल कर आ रहा है। पुलिस की जांच अभी कई पहलुओं पर जारी है। अभी कई और लोगों की गिरफ्तारी होने की संभावना है। अभी तक पुलिस की हुई कार्रवाई को काफी सराहा भी जा रहा है।
सदर थाना क्षेत्र की रहने वालीं दो युवतियां 24 मार्च को लापता हुई थीं। उनके पिता ने उसी दिन थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि उधमपुर (जम्मू कश्मीर) की साईमा उर्फ खुशबू उनकी बेटियों को धर्मांतरण कराके शादी कराने के लिए बहला फुसला कर ले गई है। आगरा पुलिस ने लापता दोनों बहनों को कोलकाता से बरामद किया। इसके बाद चौंकाने वाला सच सामने आया। सच सामने आने के बाद पुलिस ने छह राज्यों में ताबड़तोड़ दबिश देकर धर्मांतरण कराने वाले इस गिरोह के सरगना समेत 10 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें गोवा की एक युवती भी थी। ये गिरोह आईएसआईएस आतंकी संगठन के मॉडयूल पर काम कर रहा है। इसके प्रतिबंघित संगठन पीएफआई, एसडीपीआई और पाकिस्तान की एजेन्सियों से जुड़े होने के साक्ष्य भी मिले हैं। इस गिरोह को कनाडा, अमेरिका, पाकिस्तान समेत कई देशों से फंडिंग की जा रही थी। गिरोह का सरगना अब्दुल रहमान है। पूछताछ में पता चला कि अब्दुल रहमान और गिरोह से जुड़े अन्य लोग नेपाल में भी मतांतरण की योजना पर काम कर रहे थे। आरोपित ने बताया कि वह दिल्ली से सीतापुर एवं लखीमपुर होते हुए कई बार नेपाल गया था। उसका उद्देश्य अवैध मतांतरण की अपनी योजना को विस्तार देना था। वह नागालैंड, असम, पश्चिम बंगाल भी गया था। सबसे चौंकाने वाली जानकारी म्यांमार एवं भूटान की सीमा से लगे इलाकों में मतांतरण की योजना पर काम करना था। देश की सीमा से लगे इन इलाकों में वह सामूहिक मतांतरण की योजना पर काम कर रहा था। इधर साइबर क्राइम विशेषज्ञों द्वारा आरोपित अब्दुल रहमान का मोबाइल डाटा एवं काल डिटेल खंगाली गई। आरोपित को हवाला के माध्यम से रकम मिलने के साक्ष्य मिले हैं। हवाला के तार गुजरात के अलावा राजस्थान के टोंक एवं अलवर से जुड़े हैं।











