आगरा। वसंतकुंज स्थित आश्रम में 17 छात्राओं से छेड़छाड़ करने के आरोपी मैनेजर चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी को दिल्ली पुलिस ने देर रात ताजगंज क्षेत्र के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार शाम से वह होटल में रुका था। दिल्ली पुलिस होटल के कमरे में 15 मिनट की पूछताछ के बाद उसे अपने साथ ले गई।
दिल्ली में बसंत कुंज स्थित शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च के मैनेजर चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी पर पीजी डिप्लोमा कर रहीं छात्राओं ने छेड़छाड़ और अश्लील हरकत के आरोप लगाए थे। छात्राओं की शिकायत पर संस्थान प्रबंधन ने चार अगस्त को थाने में शिकायत दी थी, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। आरोपित की लोकेशन बुधवार को आगरा में मिली थी। इसके बाद ही पुलिस सक्रिय हो गई। आरोपित का लुक आउट नोटिस भी जारी किया गया था। दिल्ली पुलिस शनिवार रात तीन बजे ताजगंज क्षेत्र में फतेहाबाद रोड स्थित होटल फर्स्ट में पहुंची। होटल के कर्मचारी भरत ने बताया कि सादा कपड़ों में दिल्ली क्राइम ब्रांच के दो अधिकारी होटल में आए थे। उन्होंने रजिस्टर चेक किया। रजिस्टर की एंट्री देखने के बाद वे होटल के कमरा नंबर 101 में रुके स्वामी पार्थसारथी के पास पहुंचे। कमरे में करीब 15 मिनट तक रुककर उन्होंने पूछताछ की। इसके बाद वह लगेज के साथ स्वामी पार्थ सारथी को अपने साथ ले गए।
रेस्टोरेंट से मंगाया था खाना
स्वामी पार्थ सारथी के नाम से होटल के रजिस्टर में एंट्री थी। वह शनिवार शाम चार बजे होटल में पहुंचे थे। रात में रेस्टोरेंट से खाना मंगाया था। उनसे मिलने कोई होटल में नहीं आया। होटल के कर्मचारियों को स्वामी पार्थ सारथी के कारनामों की कोई जानकारी नहीं थी। क्राइम ब्रांच देर रात ही चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी को अपने साथ ले गई। आगरा पुलिस अधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं कर रही।
बाबा पर छात्रा का आरोप, अश्लील हरकत के कारण आठ माह ही पढ़ पाई
वसंतकुंज इलाके में 17 छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की एक-एक करतूत सामने आ रही है। साल 2016 में एफआईआर करवाने वाली छात्रा ने प्राथमिकी में कहा था कि उसने संस्थान में आठ महीने बिताए, वो मेरी जिंदगी का सबसे खराब दौर था। उसके बाद उसने वहां पढ़ाई छोड़ दी थी। संस्थान ज्वॉइन करते ही बाबा की हरकतें शुरू हो गई थीं। वह मुझे अश्लील मैसेज भेजने लगा था। आरोपी स्वामी उसे स्वीट गर्ल बुलाने लगा। प्राथमिकी में कहा गया कि आरोपी शाम को 6.30 बजे क्लास खत्म होने के बाद उसे अपने ऑफिस में बुलाता और परेशान करता। वह कहता था-तुम बहुत टैलेंटेड हो और तुम्हे दुबई ले जाकर पढ़ाऊंगा। पढ़ाई का पूरा खर्च उठाऊंगा। मैं ये बिल्कुल नहीं चाहती थी, लेकिन उसका स्टाफ मुझ पर दबाव बनाता रहता था। स्वामी ने मेरा मोबाइल फोन छीन लिया और मुझे हॉस्टल में अकेले रहने पर मजबूर किया। उसे किसी से बात नहीं करने दी जाती थी। छात्रा के कमरे में लगे फोन पर रात में कॉल करता था। आरोपी रात में डिनर और अच्छे होटलों में रुकवाने की बातें करता था। छात्रा ने कहा था कि कई बार बाबा ने मुझे गलत तरीके से टच करने की कोशिश की।










