आगरा। रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (रामबाग) पथ संचलनों से गुंजायमान हो उठा। भारी संख्या में स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में कदमताल करते नजर आए। शहरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर पथ संचलन का भव्य स्वागत किया।
पथ संचलन में प्रदेश महामंत्री राम प्रताप चौहान, कार्य संयोजक प्रदीप शर्मा, संस्कार भारती के कोषाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गोयल, सह नगर कार्यवाह योगेंद्र शर्मा, जिला शहर धर्म जागरण प्रमुख अरविंद पचौरी, जिला धर्म जागरण प्रमुख उमेश शर्मा, हरेंद्र सिकरवार, जिला प्रशासनिक प्रमुख मुनेंद्र सिंह आदि शामिल हुए। प्रदेश महामंत्री राम प्रताप चौहान ने स्वयंसेवकों को संघ के शताब्दी वर्ष का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए ट्रैफिक की विशेष योजना बनाई गई थी, ताकि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। विभिन्न स्थानों पर विजयदशमी उत्सव और शस्त्र पूजन का भी आयोजन किया गया जिसमें वक्ताओं ने संघ के उद्देश्य और शताब्दी वर्ष के महत्व पर प्रकाश डाला। पथ संचलन को देखने के लिए लोग सड़क किनारे उमड़े। कालोनियों में गली किनारे तथा छतों से पुष्प वर्षा कर पथ संचलन में शामिल स्वयंसेवकों का स्वागत किया गया। जगह-जगह तोरणद्वार व रंगोलियां बनाई गई थी। पथ संचलन में बाल से लेकर प्रौढ़ स्वयंसेवक शामिल रहे। वयोवृद्ध स्वयंसेवकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। शताब्दी वर्ष की अनुभूति हर स्वयंसेवक में नई ऊर्जा व दायित्व का बोध करा रही है। विजयदशमी पर वर्ष 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी।
हरेंद्र सिकरवार ने वक्ताओं ने संघ की स्थापना की आवश्यकता, उद्देश्य व उसकी 100 वर्ष की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज व स्वयंसेवकों से अपने जीवन में पंच परिवर्तन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के परम वैभव के लिए पंच परिवर्तन के अंतर्गत हम सब अपने दैनिक जीवन में सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली एवं स्वदेशी को अपनाएं तथा नागरिक कर्तव्यों का पालन करें।











