आगरा। आगरा कॉलेज के गौरवपूर्ण 200 वर्ष पूर्ण होने पर स्थापना दिवस का कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। ‘गंगाधर शास्त्री मंडप’ में इतिहास, परंपरा और नए युग की दस्तक, सात संस्थानों और गेस्ट हाउस की नींव रखी गई।
दो सौ वर्ष की अद्भुत शिक्षण परंपरा, सांस्कृतिक वैभव और अकादमिक उत्कृष्टता का साक्षी आगरा कॉलेज आज एक बार फिर इतिहास के शिखर पर दिखा। द्विशताब्दी समारोह के अवसर पर यूपी के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह, शिक्षाविदों और कॉलेज की सातवीं पीढ़ी के संस्थापक वंशजों की उपस्थिति में गंगाधर शास्त्री मंडप में लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। 35 बीघा भूमि पर विकसित होने वाली नई शैक्षणिक परियोजनाओं ने आगरा कॉलेज को शैक्षणिक पुनर्जागरण की नई राह पर अग्रसर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के आगमन पर एनसीसी के प्रभावशाली गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडलायुक्त एवं प्रबंध समिति अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सिंह ने की।
प्राचार्य ने बताई 200 वर्षों की कहानी और भविष्य की नींव
प्राचार्य प्रो. सीके गौतम ने बताया कि आगरा कॉलेज की स्थापना 21 नवंबर 1823 को पंडित गंगाधर शास्त्री द्वारा दान की गई भूमि पर हुई थी। लंबे समय से अप्रयुक्त पड़ी 35 बीघा भूमि को पुनः उपयोग में लाने, बाउंड्री वॉल निर्माण और नई शैक्षणिक परियोजनाओं के शिलान्यास को उन्होंने महाविद्यालय की बड़ी उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि यह भूमि आने वाली पीढ़ियों के शोध, नवाचार और उच्च शिक्षा का केंद्र बनेगी।
इतिहास की पुनरावृत्ति और 200 वर्ष की गौरवगाथा
प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में कॉलेज के गौरवशाली इतिहास को पुनः स्मरण कराया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1823 में गंगाधर शास्त्री का भूमि दान हुआ। 1923 में शताब्दी वर्ष के मौके पर वायसराय अर्ल ऑफ़ रीडिंग का आगमन हुआ। 1927 में आगरा विश्वविद्यालय की स्थापना हुई। 125वें वर्ष में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति हुई। 150वें वर्ष के मौके पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय का संबोधन हुआ। 2025 में द्विशताब्दी समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की मौजूदगी रही।
विकसित भारत की नींव विकसित उत्तर प्रदेश है- उच्च शिक्षा मंत्री
मुख्य अतिथि योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि यह आयोजन पंडित गंगाधर शास्त्री का सच्चा सम्मान है, जिन्होंने दो सदियों पहले शिक्षा के लिए भूमि दान कर अगुवाई की थी।
उन्होंने युवाओं से कौशल विकास, राष्ट्रभक्ति और ज्ञान-विज्ञान आधारित शिक्षा को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आगरा कॉलेज की नई परियोजनाएं उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय शिक्षा मानचित्र पर एक नई पहचान देंगी।
सातवीं पीढ़ी के वंशज पहुंचेः भावुक पल, ऐतिहासिक दस्तावेज सौंपे
करहरी ग्राम, जिला गया (बिहार) से आए पंडित गंगाधर शास्त्री के परिवार की सातवीं पीढ़ी के सदस्यों का आगमन समारोह की सबसे भावुक घड़ी रही।
उन्होंने अपने पूर्वजों से जुड़े महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज भी महाविद्यालय को सौंपे।
विद्यालय की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह और पटका पहनाकर सम्मानित किया गया।
संस्था अपने स्वर्णिम काल की ओर लौट रही है- मंडलायुक्त
मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कॉलेज पुनः अपनी उत्कृष्ट परंपरा के शिखर को छूने की ओर है। उन्होंने छात्रों को सकारात्मक ऊर्जा, आचरण, लक्ष्य-साधना और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गंगाधर शास्त्री के सपनों को साकार करना हमारा सामूहिक दायित्व है।
आठ नयी परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास
मुख्य अतिथि योगेंद्र उपाध्याय द्वारा जिन प्रमुख संस्थानों का लोकार्पण/शिलान्यास किया गया, उनमें आचार्य चाणक्य परीक्षा भवन, गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकारिता एवं जनसंचार संस्थान, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर विदेशी भाषा अध्ययन केंद्र, पं. गंगाधर शास्त्री प्राच्य विद्या व संस्कृति अध्ययन केंद्र, डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक न्याय अध्ययन केंद्र, ब्रज कौशलधाम कौशल विकास संस्थान, यूजीसी–एचआरडी अकादमिक स्टाफ कॉलेज और आगरा कॉलेज अतिथि गृह शामिल है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, डॉ. अमित रावत, डॉ. यादवेंद्र शर्मा ,डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. अनुज पाराशर, आगरा कॉलेज के विधिक सलाहकार डॉ. अरुण कुमार दीक्षित, मीडिया प्रभारी डॉ. गौरव कौशिक, डॉ. रीता निगम, डॉ. सुनील यादव आदि उपस्थित रहे।











