आगरा। जनपद में फर्जी जीएसटी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी करने वाले दो अलग-अलग गिरोहों का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। थाना लोहामंडी पुलिस, साइबर सेल और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य फरार बताए जा रहे हैं। दोनों मामलों में राज्य कर विभाग की शिकायत के बाद मुकदमा दर्ज किया गया था।
पहले प्रकरण में ‘अवधेश कुमार ट्रेडर्स’ के नाम पर दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान पुलिस ने तीन शातिर आरोपियों गोविन्द गोयल, तुषार सारस्वत और कपिल शर्मा को गिरफ्तार किया। इनके पास से 3 मोबाइल फोन और 1 पैन कार्ड बरामद हुआ है। मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में 8 फर्जी जीएसटी फर्मों के रजिस्ट्रेशन का खुलासा हुआ। आरोप है कि इन फर्मों के जरिए करीब 6 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) चोरी की गई। इस गिरोह के 5 अन्य सदस्य अज्जू, रिषभ, लकी, शिवम और यूनिस फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। दूसरे मामले में अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में बुलंदशहर निवासी रवि सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से 1 लैपटॉप, 2 पेनड्राइव और 2 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। लैपटॉप की जांच में 2675 फर्जी जीएसटी फर्मों के रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेज और डाटा मिले हैं। आरोप है कि इन फर्जी फर्मों के जरिए करीब एक करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की गई। इस गिरोह के अन्य सदस्य मयूर नागपाल, विनीत, राजकुमार झा, आसिफ और प्रकाश झा फरार हैं। दो महिला आरोपियों की भी भूमिका सामने आई है, जिन्हें पुलिस ने रडार पर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराते थे और कागजी लेनदेन दिखाकर फर्जी बिलिंग के जरिए ITC क्लेम कर लेते थे। यह पूरा नेटवर्क साइबर तकनीक और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर संचालित किया जा रहा था। राज्य कर आयुक्त की शिकायत पर दर्ज मुकदमे के बाद जब टेक्निकल सेल ने डिजिटल साक्ष्यों की जांच की, तब इस बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद और बड़े खुलासे संभव हैं।










