आगरा। आगरा में शनिवार को आयोजित हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में करीब आठ लाख वादों का निस्तारण हुआ है, जो सराहनीय है। जिन-जिन वादकारियों के वादों का निस्तारण हुआ है उनके चेहरे खिले हुए थे। इसके पीछे कारण यह था कि अब उन्हें ‘तारीख पर तारीख’ से छुटकारा मिल जाएगा। लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला जज संजय कुमार मलिक और विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव विनीता सिंह के द्वारा ‘लोक अदालत में आएं अपने वादों को निपटाएं’ जो स्लोगन पर जोर दिया गया था। वह सफल साबित हुआ है।
सुबह राष्ट्रीय लोक अदालत का जिला जज संजय कुमार मलिक के द्वारा उद्घाटन किया गया। सभी न्यायिक अधिकारियों ने अपना शत-प्रतिशत रिजल्ट देकर इसे सफल बनाने में अपना योगदान दिया। जिला जज के द्वारा जो उनसे अपेक्षा की गई थी वह सभी उस अपेक्षा पर खरे उतरे। जिला जज संजय कुमार मलिक और अन्य समस्त अपर जिला जज के द्वारा अन्य प्रकृति के 808 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें जुर्माना धनराशि 84000 अधिरोपित की गई। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय व अतिरिक्त परिवार न्यायालयों द्वारा 37 वादों का निस्तारण किया गया। इसी प्रकार मोटर दुर्घटना अधिकरण के पीठासीन अधिकारी नरेंद्र कुमार पांडेय के द्वारा 107 वादों का निस्तारण किया गया जिसमें पीड़ित पक्षों को 103540722 से ऊपर की प्रतिपूर्ति धनराशि प्रदान की गई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे एवं अन्य न्यायालय द्वारा 7647 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें जुर्माना धनराशि 6515712 अधिरोपित की गई। वर्चुअल न्यायालय के द्वारा 14263 मोटर वाहन चालानों का भी निस्तारण किया गया। दीवानी कचहरी आगरा के अलावा तहसील स्तर, ब्लॉक स्तर पुलिस आयुक्त कार्यालय एवं समस्त फाइनेंस कंपनियां के द्वारा 63 2661 वादों का निस्तारण किया गया। टोरेंट पावर भी पीछे नहीं रही उसने भी 250 मामलों का निस्तारण किया, जिसमें समझौते की धनराशि 2350000 रही। विभिन्न बैंकों के द्वारा भी 815 वादों का निस्तारण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव विनीता सिंह ने बताया कि कुल मिलाकर 782608 वालों का निस्तारण हुआ है। उन्होंने बताया कि जिला जज के बेहतर मार्गदर्शन की वजह से ही यह संभव हुआ है। राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्घाटन के दौरान अपर जिला जज प्रथम पुष्कर उपाध्याय, अपर जिला जज ज्ञानेंद्र राव, अपर जिला अमरजीत, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मृत्युंजय श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।











