आगरा। आर्ष विद्या समाजम के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा सांसद नवीन जैन से मुलाकात कर देश में धर्म परिवर्तन, लव जिहाद और समाज में बढ़ती चुनौतियों से जुड़े मुद्दों को विस्तार से उठाया।
प्रतिनिधियों ने बताया कि उनकी संस्था देशभर में उन लोगों को पुनः सनातन धर्म में वापस लाने का कार्य कर रही है, जो किसी कारणवश धर्म परिवर्तन कर चुके हैं। उन्होंने विशेष रूप से केरल की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां वामपंथी सरकार के कारण हिंदू समाज स्वयं को असुरक्षित महसूस करता है। उन्होंने यह भी कहा कि केरल में लव जिहाद के माध्यम से युवतियों को बहला-फुसलाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जाता है और बाद में उन्हें विभिन्न प्रकार की यातनाओं का सामना करना पड़ता है। प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी संस्था से जुड़ी कुछ पीड़ित महिलाओं की कहानियां फिल्म द केरला स्टोरी से भी संबंधित रही हैं। प्रतिनिधियों ने बताया कि आर्ष विद्या समाजम का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म की शिक्षा और प्रचार करना है। संस्था द्वारा आध्यात्मिक व सांस्कृतिक प्रशिक्षण कोर्स, योग व काउंसलिंग भी संचालित किए जाते हैं। साथ ही लोगों को “धर्म के सही मार्ग” पर लाने तथा समाज को धार्मिक कट्टरता से बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं। प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान में उनकी संस्था महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल एवं तमिलनाडु में सक्रिय है और अब उत्तर प्रदेश में भी संस्था का विस्तार करना चाहती है। इस संबंध में उन्होंने सांसद नवीन जैन से सहयोग की मांग की। इस पर सांसद नवीन जैन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर संस्था को हर संभव सहयोग दिलाने का प्रयास करेंगे। गौरतलब है कि प्रतिनिधिमंडल में शामिल कुछ महिलाएं स्वयं भी लव जिहाद की शिकार रह चुकी हैं, जिसके चलते वे अब इस संस्था के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही हैं।











