आगरा। मंडल में सड़क हादसों में कमी लाने के लिए मंगलवार को मंडलायुक्त ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कर हादसों को रोकने के लिए रणनीति तैयार की। सड़क दुर्घटना में जनहानि होने की दशा में लापरवाह वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित करने के उन्होंने निर्देश दिए। पिछली बैठक में दिए गए निर्देश के बाद कितने लोगों का लाइसेंस निलंबित किया गया है, यह आंकड़ा भी पूछा।
बैठक में सबसे पहले उनके द्वारा परिवहन विभाग व पुलिस विभाग द्वारा हेलमेट, सीटबेल्ट, मोबाइल फोन, ईयर फोन का प्रयोग, गलत दिशा में वाहन चलाना, नशे की हालात में वाहन चलाना, ओवर स्पीडिंग, स्टंटिंग के विरूद्ध की गयी प्रवर्तन कार्यवाही की समीक्षा की गयी। हेलमेट, सीट बेल्ट और मोबाइल फोन के विरूद्ध अभियान में वर्ष 2024-25 की अपेक्षा वर्ष 2025-26 में फिरोजाबाद और मैनपुरी में चालानों की संख्या में लगभग 200 प्रतिशत वृद्धि हुई। मण्डल के चारों जनपदों की सड़क दुर्घटनाओं की अद्यावधिक तुलनात्मक समीक्षा में पाया गया कि विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 2026 की प्रथम तिमाही में मैनपुरी, आगरा और मथुरा की रैकिंग में सुधार हुआ, जबकि फिरोजाबाद की रैकिंग में गिरावट हुई है। इसलिए उन्होंने निर्देश दिए कि फिरोजाबाद की सड़क सुरक्षा समिति को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने को विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। सड़क सुरक्षा मित्र योजना में अवगत कराया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने को, जन-जागरूकता लाने को सड़क सुरक्षा मित्रों का चयन किया जाना था, जिसमें आगरा में 13, फिरोजाबाद में 11, मैनपुरी में 9 और मथुरा में 12 मित्रों का चयन करने के बाद सेव लाइफ फाउण्डेशन द्वारा उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।सर्वाधिक वाले क्षेत्र में क्रिटिकल कारीडोर टीम गठित की गई। आगरा, फिरोजाबाद व मथुरा में जीरो फेटीलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम लागू है। इस योजना के अन्तर्गत सेव लाइफ फाउण्डेशन द्वारा परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग व चिकित्सा विभाग के लिए एक कार्ययोजना प्रस्तुत की गयी है। सर्वाधिक दुर्घटना वाले क्षेत्र में क्रिटिकल कारीडोर टीम गठित की गयी है, जिसके द्वारा अवैध कटान बंद कराया जाना, ड्रंकन ड्राइविंग रोकना, ओवरस्पीडिंग की चेकिंग बढ़ाना, रोड़ साइनेज को ठीक कराना, रोड़ इंजीनियरिंग ठीक कराना आदि की विशेष कार्यवाही की जा रही है। वहीं आगरा मण्डल में कराए गये सर्वे में स्पष्ट हुआ कि सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा जनहानि पैदल चलने वाले और दोपहिया वाहन सवारों की हो रही है।
मण्डल में अभी तक 3569 स्कूल वाहनों की जांच हो चुकी है
स्कूल वाहनों की जांच अभियान में अवगत कराया गया कि मण्डल में जिन स्कूलों में वाहन संचालित हैं उनकी जानकारी पोर्टल पर फीड कर दी गयी है। उनका परिवहन विभाग द्वारा जनवरी 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक भौतिक निरीक्षण किया गया है। मण्डल में अभी तक 3569 वाहनों की जांच हो चुकी है। समीक्षा में सामने आया कि अभी भी कई ऐसे स्कूल हैं जिन्होंने संचालित वाहनों की तकनीकी और भौतिक स्थिति के संबंध में शपथ पत्र पोर्टल पर अपडेट नहीं कराया है। आयुक्त ने ऐसे सभी स्कूलों की सूची बीएसए और डीआईओएस विभाग को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए जिससे विभाग द्वारा नोटिस भेजकर आवश्यक कार्यवाही की जा सके।
मंडल में 710 ड्राइविंग लाइसेंस हुए निलंबित
विभिन्न अपराधों में निलम्बन किए गये लाइसेंस प्रकरणों के बारे में अवगत कराया कि विगत दो माह में परिवहन विभाग द्वारा आगरा में 250, फिरोजाबाद में 98, मैनपुरी में 97 और मथुरा में 265 (कुल 710) लाइसेंस निलंबन की कार्यवाही की गयी है। किसी भी सड़क दुर्घटना में जनहानि होने की दशा में लापरवाह वाहन चालकों के भी लाइसेंस निलम्बन पर चर्चा की गयी। आयुक्त ने ऐसे मामलों में लाइसेंस निलंबन अथवा रद्द करने की प्रक्रिया तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मण्डल में 7338 ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्यवाही कर लगभग 18.46 करोड़ प्रमशन शुल्क वसूला गया
वे इन मोशन ब्रिज/टोल प्लाजा से होकर गुजरने वाले वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही की समीक्षा की गयी। अवगत कराया गया कि मण्डल में 7338 ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्यवाही कर लगभग 18.46 करोड़ प्रमशन शुल्क वसूला गया है। आगरा के कोरई, सैंया और मथुरा के महुवन टोल को छोड़कर अन्य टोल प्लाजाओं से ओवरलोड वाहनों का डाटा नहीं मिल रहा है। आयुक्त द्वारा निर्देश दिए गये कि जिन टोल प्लाजा पर वे इन मोशन ब्रिज स्थापित नहीं हैं, स्थापित कराना सुनिश्चित करें और सक्षम अधिकारी से सम्पर्क कर सभी टोल प्लाजाओं से ओवरलोड वाहनों की सूची मंगवाएं।
102 एवं 108 एंबुलेंस की संख्या एवं रिस्पान्स टाइम की समीक्षा की गई
एंबुलेंस एवं ट्रामा सेंटर की स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी। जनपदवार 102 एवं 108 एंबुलेंस की संख्या एवं रिस्पान्स टाइम की समीक्षा की गयी। आयुक्त द्वारा निर्देश दिए गये कि आगरा सम्भाग में सभी सड़क दुर्घटनाओं में कितने घटनास्थल पर एंबुलेंस की सहायता पहुंच रही है, इसका सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। वहीं यीडा विभाग को भी यमुना एक्सप्रेसवे पर तैनात एंबुलेंस और पैरामेडिकल स्टाफ से संबंधित पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। टोल प्लाजाओं पर एंबुलेंस एवं क्रेन की स्थिति की समीक्षा करते हुए आगरा इनर रिंग रोड टोल प्लाजा, करहल और नवीगंज टोल प्लाजा पर एंबुलेस व क्रेन तैनात करने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही को निर्देशित किया गया। ब्लैक स्पाट की समीक्षा में अवगत कराया गया कि मण्डल के चारों जनपदों में 220 ब्लैक स्पाट चिन्हित किए गये हैं जिनके सुधार को अल्प व दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कर संबंधित विभागों द्वारा समस्त सड़क सुरक्षा मानकों को पूर्ण किया गया।
सड़क किनारे खड़े होने वाले भारी वाहनों पर 10 दिन तक चलेगा अभियान
एक्सप्रेसवे पर खड़े भारी वाहनों के टकराने से होने वाली जनहानि के विषय पर भी चर्चा की गयी। एक्सप्रेसवे पर होने वाले दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा करते हुए आयुक्त द्वारा निर्देश दिए गये कि एक्सप्रेसवे पर पीपीपी मोड पर पार्किंग संचालन को प्रावधान तैयार किया जाए। सड़क किनारे ढाबों के संचालन पर रोक लगायी जाए। इसके अलावा परिवहन, पुलिस, जीएसटी, आबकारी एवं टोल प्लाजा की संयुक्त टीम बनाकर एक्सप्रेसवे पर 10 दिवसीय अभियान चलाया जाए जिसमें सड़क किनारे खडे होने वाले भारी वाहनों, स्लीपर बसों में अवैध माल ढुलान, ओवरलोड वाहन आदि के विरूद्ध कार्यवाही की जाए। वहीं सड़क किनारे संचालित आबकारी दुकानों की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि संचालित दुकानें औचित्यपूर्ण हैं अथवा नहीं। यह अभियान 27 अप्रैल से शुरू किया जाएगा।










