आगरा। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ आगरा की लगातार की गई शिकायतों पर जांच के बाद फतेहाबाद के खण्ड शिक्षा अधिकारी शेष बहादुर सरोज को अपर शिक्षा निदेशक बेसिक के द्वारा निलंबित कर दिया गया है।
विभागीय पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि बीईओ सरोज पर अनियमितताएं करने, शिक्षकों को अनावश्यक परेशान करने, भ्रष्ट आचरण और नियमों का उल्लंघन करने के गंभीर आरोप लगे थे। संघ ने लंबे समय से शासन और विभागीय अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी थीं, जिनमें बीईओ सरोज द्वारा शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार, दबाव बनाने और भ्रष्टाचार की शिकायतें प्रमुख थीं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ आगरा के जिलामंत्री बृजेश दीक्षित ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि शेष बहादुर सरोज लंबे समय से शिक्षकों का उत्पीड़न कर रहे थे। संघ ने इस मामले को लगातार उठाया और अंततः विभाग को सख्त कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया। बृजेश ने कहा कि “यह केवल एक अधिकारी का निलंबन नहीं, बल्कि पूरे विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी चेतावनी है। शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संघ आगे भी सतर्क रहेगा।”
विभागीय आदेश के मुख्य बिंदु
– शेष बहादुर सरोज को निलंबनावस्था में पूर्ण वेतन भत्ता देय होगा।
– उनके विरुद्ध शीघ्र जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश।
– जांच अधिकारी को सभी दस्तावेजों की जांच और आवश्यक गवाहों से पूछताछ करने का अधिकार।
– जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, आगरा को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शिक्षक वर्ग में इस खबर से राहत की लहर दौड़ गई है। कई शिक्षकों ने संघ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब फतेहाबाद खण्ड में कार्य संस्कृति सुधरेगी। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कसाना ने इस मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और दोषी अधिकारी सरोज के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।











