आगरा। यूजीसी रेगुलेशन के विरोध में मंगलवार को सवर्ण समाज और करणी सेना के प्रदर्शन ने उस समय उग्र रूप ले लिया, जब जुलूस को रोकने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान एक पुलिस इंस्पेक्टर सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर डंडे बरसा दिए, जिससे आक्रोश और बढ़ गया। घटना से नाराज प्रदर्शनकारियों ने इंस्पेक्टर के निलंबन की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। अधिकारियों के कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी हाईवे से हटे और धरना समाप्त कर दिया गया।
मंगलवार को सवर्ण समाज और करणी सेना के सैकड़ों युवा यूजीसी रेगुलेशन के विरोध में जुलूस निकालकर एसडीएम को ज्ञापन देने जा रहे थे। करणी सेना के जिलाध्यक्ष शिवम राठौर के मुताबिक, जुलूस के लिए निर्धारित मार्ग तय था, लेकिन पुलिस ने कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को रोका। इसी को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और फिर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते स्थिति झड़प में बदल गई। इसी दौरान इंस्पेक्टर क्राइम सत्य प्रकाश भीड़ के बीच सड़क पर गिर गए। इंस्पेक्टर के गिरने के बाद पुलिसकर्मी आक्रोशित हो गए और प्रदर्शनकारियों पर डंडे चलाने लगे। पुलिस की इस कार्रवाई से प्रदर्शनकारी भी भड़क गए और मौके पर तनाव और बढ़ गया। हंगामा बढ़ता देख पुलिसकर्मी इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश को भीड़ के बीच से निकालकर एक वकील के चैंबर में ले गए। उन्हें चैंबर के अंदर बैठाने के बाद दरवाजा बंद कर दिया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आसपास के कई थानों से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुला लिया गया। पुलिस के साथ हुई झड़प से नाराज प्रदर्शनकारियों ने इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश के निलंबन की मांग शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी तहसील के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गए और वहां धरने पर बैठ गए। हाईवे जाम होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। भीषण गर्मी में हाईवे पर फंसे राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई। काफी देर तक वाहन जाम में फंसे रहे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम खुलवाने का प्रयास किया। कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने हाईवे खाली किया।हाईवे से हटने के बाद प्रदर्शनकारी दोबारा तहसील पहुंचे। यहां उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया और इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश के निलंबन की मांग को लेकर धरना जारी रखा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया। करणी सेना जिलाध्यक्ष शिवम राठौर ने कहा कि करीब सैकड़ों युवा निर्धारित मार्ग से जुलूस निकालकर एसडीएम को ज्ञापन देने जा रहे थे। उनका आरोप है कि पुलिस ने जुलूस को कई जगह रोकने की कोशिश की, जिससे विवाद की स्थिति बनी और मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। हालांकि प्रदर्शनकारियों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किए जाने से यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। हाईवे पर काफी लंबा जाम लग गया और भीषण गर्मी में जाम में फंसे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।











