-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय की परीक्षाओं का बुरा हाल है। परीक्षाओं में धड़ल्ले से नकल हो रही है। उड़नदस्तों के पहुंचने के बाद भी नकल रुकने का नाम नहीं ले रही है।
इस बार की परीक्षाओं में केंद्र बनाने में जमकर धांधली हुई है। विश्वविद्यालय ने परीक्षा शुरू होने के बाद भी केंद्र बनाए हैं। परीक्षाओं के दौरान बनाए गए केंद्रों को सार्वजनिक नहीं किया गया है। एक ही मैनेजमेंट के कॉलेजों के आपस में केंद्र बनने से जैसे उन्हें नकल की छूट मिल गयी है। विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर केंद्र बनाने में धांधली हुई है। हैरानी की बात तो यह रही कि कुलपति के संज्ञान में धांधली उजागर होने के बाद भी कुछ नहीं हुआ है।
आलम यह है कि उड़नदस्तों के पहुंचने के बाद भी कॉलेजों में नकल हो रही है। आज उड़नदस्ता एक कॉलेज में पहुंचा। टीम को देखकर भी छात्र नकल करना बंद नहीं कर रहे थे। वह झुंड बनाकर परीक्षा दे रहे थे। उड़न दस्ते के एक सदस्य द्वारा खींचे गए फोटो से साफ पता चल रहा है विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं का इस बार किस तरीके से मजाक बना दिया गया है। औटा महामंत्री डॉ. भूपेंद्र चिकारा का कहना है कि केंद्र बनाने में हुई धांधली को लेकर कुलपति से शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिए अब कुलाधिपति और मुख्यमंत्री से कुलपति की शिकायत की जा रही है। इधर कर्मचारी नेता डॉ. आनंद टाइटलर का कहना है कि हाल में विश्वविद्यालय में कई नियम विरुद्ध कार्य हुए हैं। जांच के लिए मुख्यमंत्री और राज भवन को लिखा जा रहा है।











