लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का आमना-सामना हो गया। सिद्धार्थनगर जिले में पुलिस की गोली से महिला की मौत को लेकर प्रदेश के दोनों प्रमुख नेताओं में गरमा-गरम बहस हो गई।
यूपी विधानसभा में अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि समाज में जिस तरह की घटना हो रही है। उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता है। जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली सरकार के रहते हुए इतनी घटनाएं हो रही हैं। कैसी-कैसी घटनाएं हो रही हैं। इलाहाबाद में एक पूरा परिवार खत्म कर दिया गया। अब तक खुलासा नहीं हुआ। उन्होंने आगे निशाना साधते हुए कहा कि नेता सदन (सीएम योगी) से ललितपुर में अधिकारियों ने शिकायत की तो उन्होंने कहा कि आप दलाली छोड़ दो तो हम अफसर सुधार देंगे। 5 साल तक दलाली चली लेकिन सदन को पता ही नहीं चला। सिद्धार्थनगर में क्या हुआ? पुलिस ने घटना को क्या रूप दे दिया। बलिया में बेटी को पुलिस ने इतना पीटा कि जान ही चली गई। इस पर सीएम योगी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमने पांच सालों में जीरो टॉरलेंस के साथ कार्रवाई की गई है। कुछ लोगों ने गर्मी दिखाने की कोशिश की लेकिन सबको शांत किया जा रहा है। सिद्धार्थनगर में पुलिस की गोली से मौत नहीं हुई है। पुलिस के मनोबल को तोड़ने वाली बात नहीं करनी चाहिए। एक युवक ने गोली चलाई, जिसमें मुस्लिम महिला की मौत हुई थी। कार्रवाई की खुली छूट है।
इस घटना के बाद ओमप्रकाश राजभर ने अपने ऊपर मुकदमा दर्ज कराए जाने का मामला उठाया। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने जवाब देते हुए दोनों पक्षों की तरफ से एफआईआर दर्ज कराए जाने की बात कही। राजभर ने खुद पर गलत केस दर्ज होने की बात कही। इस पर अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि दुश्मनी की कार्रवाई नहीं की जाए। इस पर खन्ना ने कहा कि ऐसी बात किसी के दिमाग में ना रहे। फिर हंगामा मच गया।











