-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय के परीक्षा केंद्र निर्धारण में हुई धांधली की शासन द्वारा प्रशासन से कराई गई जांच को विश्वविद्यालय अधिकारियों ने कार्य परिषद में ले जाकर मामले को निरस्त कर दिया है।
बता दें कि वर्ष 2022 की परीक्षाओं में केंद्रों में धांधली होने की एक व्यक्ति ने शासन में शिकायत की थी। शिकायत में उन्होंने कहा था कि एक ही मैनेजमेंट के कॉलेजों को केंद्र बना दिया गया है। इसके साथ ही कॉलेजों की दूरी भी काफी रखी गई है, जबकि शासन ने दूरी निर्धारित कर रखी है। मामले में शासन ने जिलाधिकारी आगरा को जांच करने के आदेश दिए। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी नगर को निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी के नेतृत्व में एसीएम प्रथम ने केंद्रों में धांधली की जांच की। प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा नियंत्रक से कुछ बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की और तह तक जाकर जांच की। जांच में उन्होंने पाया कि विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा केंद्र निर्धारण के लिए बनाई गई समिति के द्वारा केंद्र निर्धारण में गंभीर अनियमितताएं की गई हैं। परीक्षा केंद्रों के मध्य की दूरी 5 से 10 किलोमीटर की होनी चाहिए जबकि विश्वविद्यालय ने 29 से 38 किलोमीटर की दूरी पर परीक्षा केंद्र बनाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि शासन का आदेश है कि केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा होना चाहिए लेकिन 69 कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरा नहीं था फिर भी समिति ने उन्हें केंद्र बना दिया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व कुलपति प्रोफेसर आलोक राय के द्वारा केंद्रों के भौतिक सत्यापन के लिए जो सदस्य नामित की गए गए थे उनसे भौतिक सत्यापन नहीं कराया गया। अगर भौतिक सत्यापन कराया गया होता तो गलत केंद्र नहीं बनते। रिपोर्ट में उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा है कि विश्वविद्यालय के तात्कालिक परीक्षा केंद्र निर्धारण समिति के सदस्यों जिनमें डीन एकेडमिक प्रो. संजीव कुमार, निदेशक कॉलेज विकास परिषद डॉक्टर संजय जैन और परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव द्वारा गंभीर अनियमितताएं की गई हैं और निर्गत शासनादेश का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है।
क्या थे सवाल और क्या दिए जवाब, जानें
सवाल- वर्ष 2022 की कराई गई सेमेस्टर परीक्षाओं में केंद्र बनाने के लिए बनाई गई समिति के सदस्यों के नाम उपलब्ध कराएं। यह समिति किसने बनाई यह भी स्पष्ट करें।
जवाब- 2022 की सेमेस्टर परीक्षाओं में केंद्र बनाने के लिए कुलपति के आदेश के क्रम में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई। समिति के सदस्य निम्न थे- डीन एकेडमिक, निदेशक कॉलेज विकास परिषद और परीक्षा नियंत्रक।
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सवाल- क्या एक ही मैनेजमेंट के कॉलेजों को आपस में केंद्र बनाया जा सकता है? इसे लेकर शासन का कोई आदेश हो तो उपलब्ध कराएं।
जवाब- यथासंभव एक ही मैनेजमेंट के कॉलेजों को केंद्र नहीं बनाया गया है।
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सवाल- विश्वविद्यालय द्वारा कितने कॉलेजों की जियो टैगिंग कराई गई थी? इसका क्या मतलब होता है, स्पष्ट करें
जवाब- गत परीक्षा में जियो टैगिंग से संबंधित सॉफ्टवेयर पूरी तरह तैयार नहीं हो पाने के कारण जियो टैगिंग नहीं कराई जा सकी थी। जियो टैगिंग दो कॉलेजों की बीच की दूरी मापने के लिए प्रयोग में आती है।
परीक्षा नियंत्रक द्वारा यह जवाब दिया गया इस पर शिकायतकर्ता ने प्रशासन को वह वीडियो उपलब्ध करा दिया जिसमें विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कुलाधिपति से जियो टैगिंग का उद्घाटन कराया था और कहा था कि परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में इसका पालन होगा, जबकि परीक्षा नियंत्रक ने कहा है कि जियो टैगिंग नहीं कराई जा सकी थी।
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सवाल- अछनेरा के हरचरण लाल कॉलेज में इंटर पास व्यक्ति प्राचार्य बना हुआ था। साथ ही यह कॉलेज मुख्य मार्ग से काफी दूर था। इसे किस आधार पर केंद्र बनाया गया?
जवाब- हरचरण लाल महाविद्यालय के सत्र 22-23 में प्रवेश रोकते हुए संबद्धता का प्रत्याहरण भी किया जा चुका है। विगत वर्षों से यह महाविद्यालय केंद्र बनता चला आ रहा था। इसी क्रम में केंद्र बनाया गया था
प्रशासन ने पूछा था कि यहां इंटर पास व्यक्ति प्राचार्य था तो यह किस आधार पर केंद्र बन गया। इसका परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने जवाब नहीं दिया।
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सवाल- परीक्षाओं के बीच में केंद्रों की कितनी बार सूची जारी हुई। तीसरी सूची को वेबसाइट पर सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।
जवाब- छात्रों की सुविधा अनुसार व विश्वविद्यालय के सचल दलों की सूचना पर नकल विहीन परीक्षा कराए जाने के क्रम में कुछ केंद्र परीक्षाओं के दौरान परिवर्तित कर दिए गए थे।
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सवाल- परीक्षा के दौरान कितने कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे नहीं थे और कितनों में नहीं चले।
जवाब- परीक्षाओं के दौरान जिन महाविद्यालयों ने सीसीटीवी कैमरों का लिंक विश्वविद्यालय से नहीं कराया था उन कॉलेजों को आगामी परीक्षाओं में केंद्र बनाने से परहेज किया जा रहा है।
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सवाल- पूर्व कुलपति प्रोफेसर आलोक राय के द्वारा केंद्रों के भौतिक सत्यापन के लिए कितने सदस्यों की समिति बनाई गई थी? इनसे भौतिक सत्यापन कराया गया या नहीं?
जवाब- केंद्र आवंटन समिति के समन्वयक के प्रस्ताव पर 37 सदस्यीय समिति पूर्व कुलपति द्वारा केंद्रों के भौतिक सत्यापन के लिए अनुमोदित की गई थी। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय द्वारा केंद्रों के भौतिक सत्यापन के संबंध में कोई समिति प्रस्तावित नहीं की गई थी।
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सवाल- शासन के आदेश के मुताबिक परीक्षा केंद्रों की दूरी कितनी होनी चाहिए?
जवाब- परीक्षा केंद्रों की दूरी यथासंभव परीक्षार्थियों के आवागमन की क्षमता को देखते हुए सुविधाजनक रखी जाती है।
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सवाल- क्या किसी जिले के कॉलेज का केंद्र दूसरे जिले में डाला जा सकता है, जबकि उक्त कॉलेज के पास में कोई कॉलेज स्थित हो।
जवाब- स्थितियों में सीमावर्ती जिले के निकटतम महाविद्यालय में केंद्र में पर्याप्त संसाधन होने पर केंद्र बनाए जाते रहे हैं।
कार्यपरिषद में क्या कहा गया
आगरा। 23 मई को ही कार्य परिषद की बैठक में एक अधिकारी ने कहा कि एक ही मैनेजमेंट के कॉलेजों को सेंटर बनाए जाने को लेकर शिकायत हुई थी। इस पर परीक्षा नियंत्रक ने प्रशासन को जवाब दे दिया था। जवाब में कहा था कि सेंटर सही बनाए गए हैं। प्रकरण निरस्त किया जा रहा है।











