आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर वीके सारस्वत की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कई कॉलेजों को केंद्र नहीं बनाया है। वहीं दूसरे कंट्रोल रूम प्रभारी और उड़नदस्ता प्रभारी की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है? इस बात को लेकर प्रोफेसर वीके सारस्वत ने भी सवाल खड़े किए हैं। प्रोफेसर वीके सारस्वत ने परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखकर कहा है कि विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षक कॉलेज संचालकों को उकसा रहे हैं कि प्रोफेसर सारस्वत की रिपोर्ट की वजह से आपका कॉलेज केंद्र नहीं बना है। आखिर उनकी ही गोपनीय रिपोर्ट को क्यों उजागर किया गया है? दूसरे कंट्रोल रूम के प्रभारी और उड़नदस्ता प्रभारी की रिपोर्ट भी वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की उन्होंने मांग की है।
विश्वविद्यालय ने परीक्षाओं के दौरान प्रोफेसर वीके सारस्वत को आगरा मंडल और प्रोफेसर मनु प्रताप सिंह को अलीगढ़ मंडल का प्रभारी बनाया था। उड़नदस्ते के प्रभारी प्रति कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा और प्रोफेसर संजय चौधरी थे।
प्रोफेसर वीके सारस्वत ने एक गोपनीय, रिपोर्ट परीक्षा नियंत्रक को सौंपी थी, उसमें लिखा था कि कितने कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे नहीं चले हैं। कितनों ने आईडी और पासवर्ड दिए, लेकिन कैमरे नहीं चले। वहीं 69 कॉलेजों में तो कैमरे चले ही नहीं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस रिपोर्ट को उजागर कर दिया है। कॉलेजों के नाम उजागर होने के बाद प्रोफेसर वीके सारस्वत तनाव में आ गए हैं। विशेष सूत्रों की मानें तो प्रोफेसर वीके सारस्वत ने कुलपति और कुलसचिव को अवगत कराया है कि कॉलेज संचालकों द्वारा उनको धमकी दी जा रही हैं। इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक को भी उन्होंने एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पर्यवेक्षण को कंट्रोल रूम स्थापित किए गए थे। आगरा मंडल का मुझे और अलीगढ़ मंडल का प्रोफेसर मनु प्रताप सिंह को प्रभारी बनाया गया था। मेरे द्वारा उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट को आधार बनाकर सेमेस्टर परीक्षाओं के परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करने को बनाई गई समिति से संबंधित कुछ आचार्यगण कॉलेज के लोगों को यह कहकर भड़का रहे हैं कि आपका महाविद्यालय का परीक्षा केंद्र ना बनने का कारण प्रोफेसर वीके सारस्वत की रिपोर्ट है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि उनके साथ अप्रिय घटना कराने के लिए भी कॉलेज संचालकों को शिक्षकों द्वारा उकसाया जा रहा है। प्रोफेसर वीके सारस्वत ने यह भी लिखा है कि उनकी रिपोर्ट में यह बात कही नहीं लिखी गई है कि परीक्षा केंद्रों को डिबार कर दिया जाए। रिपोर्ट में केवल यह कहा गया था कि ऐसे परीक्षा केंद्र जिन्होंने सीसीटीवी संबंधी डेटा सही माध्यम से उपलब्ध नहीं कराये, उन पर ऐसी कार्रवाई की जाए जिससे भविष्य में जो महाविद्यालय परीक्षा केंद्र बनाए जाएं वे विश्वविद्यालय द्वारा निर्गत आदेशों का पालन करें। प्रोफेसर वीके सारस्वत से उनके द्वारा लिखे गए पत्र को लेकर बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन नहीं उठा।











